रिपोर्ट. *प्रवीण कुमार*
बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापरक समाधान हेतु शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में तहसील सदर स्थित सभागार में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अधिकारियों को समयबद्धता और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया।
अब लाइव मॉनिटरिंग के दायरे में होंगी तहसीलें
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन अब जनसुनवाई को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों के बाद अब जल्द ही समस्त तहसील मुख्यालयों और समाधान दिवसों की लाइव मॉनिटरिंग शुरू होने जा रही है। उन्होंने हिदायत दी कि सभी अधिकारी समय से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि जनता को भटकना न पड़े।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह 9:45 से दोपहर 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें।
“केवल शिकायतों का निस्तारण करना ही काफी नहीं है, शिकायतकर्ता आपके निस्तारण से संतुष्ट होना चाहिए। जनता के साथ आपका व्यवहार शालीन और मददगार होना चाहिए।”
समाधान दिवस के दौरान कई पेचीदा मामले सामने आए, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की
लेखपाल और BDA की कार्यशैली पर सवाल: हरुनगला थाना बारादरी के एक किसान ने आरोप लगाया कि लेखपाल की गलत पैमाइश के कारण बीडीए ने उनकी निजी जमीन पर नाला खुदवा दिया। डीएम ने वीसी बीडीए और एसडीएम सदर को तत्काल संयुक्त जांच के निर्देश दिए।
ग्राम श्याम नगर के एक आवेदक ने पिता की मृत्यु के बाद कनेक्शन ट्रांसफर न होने की शिकायत की। सभी दस्तावेज जमा होने के बावजूद काम लटकाने पर डीएम ने बिजली विभाग को तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी।
संजय नगर निवासी की कृषि भूमि ग्राम पुरनापुर पर सीमेंट के पोल लगाकर अवैध कब्जे की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार सदर और एसएचओ इज्जतनगर को मौके पर जाकर भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहा।




