रिपोर्ट. *प्रवीण कुमार*
बरेली। उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक साइकिल चर्चा का विषय बनी हुई है। समाजवादी पार्टी के जुझारू नेता कन्हैया निषाद की ‘पीडीए समाजवादी साइकिल विजय रथ यात्रा’ अब बरेली पहुंच चुकी है। कैंट विधानसभा क्षेत्र में दाखिल होते ही इस यात्रा का स्वागत एक जन-आंदोलन के रूप में देखा गया।
डॉ. अनीस बेग के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब
कैंट विधानसभा सीट से प्रबल दावेदार और मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीस बेग डायरेक्टर, मैक्स हॉस्पिटल एवं फहमी आईवीएफ सेंटर ने अपनी टीम के साथ कन्हैया निषाद का ऐतिहासिक अभिनंदन किया।
डॉ. बेग ने खुद साइकिल चलाकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। कार्यालय पर हुई चर्चा में आगामी चुनावों के लिए रणनीति और जमीनी जुड़ाव पर जोर दिया गया।
डॉ. अनीस बेग ने कन्हैया निषाद के जज्बे को सलाम करते हुए उनकी यात्रा की कुछ खास बातें साझा कीं अकेले ही चले जा रहे हैं बिना किसी भारी-भरकम काफिले के, सिर्फ अपनी साइकिल और सीमित सामान के साथ सफर।
जमीनी जुड़ाव रास्ते में जो मिल गया वही आहार, जहाँ शाम हुई वहीं बसेरा।
अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संदेश को यूपी के हर घर तक पहुँचाना।
कुशीनगर से शुरू हुई यह यात्रा अब तक 20 से अधिक जिलों की धूल फांक चुकी है। बरेली में ऊर्जा बटोरने के बाद कन्हैया निषाद अब रामपुर और मुरादाबाद की ओर रुख करेंगे। उनका उद्देश्य चुनाव से पहले पूरे प्रदेश को साइकिल से नापना है।
“जब कन्हैया निषाद जैसे समर्पित सिपाही बिना रुके, बिना थके जनता के बीच जा रहे हैं, तो 2027 में समाजवादी पार्टी की जीत और अखिलेश यादव जी का मुख्यमंत्री बनना तय है।”
डॉ. बेग का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में कन्हैया निषाद की यह यात्रा ‘जमीनी राजनीति’ की वापसी है। यह यात्रा केवल वोट के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, बराबरी और सम्मान की लड़ाई है, जो युवाओं और पिछड़े वर्ग में नई जान फूंक रही है।
बरेली में डॉ. अनीस बेग का समर्थन और कन्हैया निषाद का संघर्ष इस बात का स्पष्ट संकेत कि समाजवादी पार्टी जमीनी स्तर पर पूरी मजबूती के साथ तैयार है।




