रुद्रपुर। -किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने एक बार फिर भाजपा नेता एवं प्रधान पति गफ्फार खां के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बताया कि जो प्रधान पति हथियार सप्लाई में निरुद्ध है। उसकी प्रधान पत्नी का भी लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। हैरानी की बात यह है कि किच्छा गांव दरऊ की प्रधान नाजिया मसूरी जहां पिछले ढाई माह से धोखाधड़ी प्रकरण में पौड़ी जेल में बंद है। वहीं प्रधान पति कायदे कानून की धज्जियां उड़ाते हुए डिजि टल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर सरकारी खजाना खाली कर रहा है। बेहड़ ने ऐलान किया कि तीन दिन के अंदर शासन-प्रशासन ने संबंधित अधिकारी और प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की। तो डीएम कार्यालय के सामने आमरण अनशन किया जाएंगा।
गुरुवार को प्रेस वार्ता करते हुए बेहड़ ने बताया कि बरेली पुलिस की हथियार सप्लायर प्रक रण में नामजद द रऊ के प्रधान पति गफ्फार खां को सत्ताधारी नेता पूर्व जनप्रतिनिधि का संरक्षण है। बताया कि 13 दिसंबर 2025 से प्रधान नाजिया मंसूरी पौड़ी जेल में बंद है और पत्नी ने भाजपा के लेट पैड में यह लिखा है कि उस का स्वास्थ्य खराब है और पति गफ्फार ही कामकाज देखेगे। बेहड़ ने बताया कि नियमानुसार यदि कोई प्रधान जेल जाता है या फिर बीमार होता है। तो सरकार द्वारा जारी डिजिटल साइन जमा हो जाता है,लेकिन पिछले ढाई माह से डिजिटल साइन का दुरुपयोग कर दिसंबर माह से लेकर 24 फरवरी 2026 तक 16 बार सरकारी खाते से लाखों रुपये की निकासी हुई और प्रधान पति व आका दरऊ की जनता को गुमराह करते रहे। घपला प्रकरण प्रदेश का सबसे पहला मामला है। बावजूद इसके प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने ऐलान किया कि यदि तीन दिन के अंदर जिलाधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान नहीं लिया और प्रधान पति व पंचायत के अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की। तो वह डीएम कार्यालय के सामने अनिश्चित कालीन आमरण अनशन में बैठेगे। क्योंकि भाजपा नेता गफ्फार की पत्नी के खिलाफ गैंग स्टर की कार्रवाई प्रचलित है।
नाजिया का दर्ज है कई आपराधिक मुकदमे
रुद्रपुर। विधायक बेहड़ का आरोप था कि जिस प्रधान की जीत पर पूर्व विधायक जश्न मना रहे थे और प्रधान पति के कंधे पर बंदूक रखकर उनके खिलाफ मोर्चाबंदी कर रहे थे। वहीं महिला प्रधान नाजिया मंसूरी पर वर्ष 2023 में कोटद्वार में धोखाधड़ी,वर्ष 2025 में गैंगस्टर की कार्रवाई,फिर 2025 में धोखाधड़ी का मामला और वर्ष 2024 में भी नाजिया ने अपने परिवार के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया,जबकि वर्ष 2023 में गफ्फार ने नाजिया से शादी की और वर्ष 2025 तक प्रधान धोखाधड़ी करती रही। इससे साफ है कि पूर्व विधायक सहित प्रधान पति को आपराधिक मामलों की जानकारी थी।
डॉक्टर या फिर पुलिस कर्मी बने शिकार
रुद्रपुर। किच्छा विधायक बेहड़ ने कहा कि गांव दरऊ की महिला प्रधान द्वारा अपने नाम के आगे अधिवक्ता लिखा और फिर चार व्यक्तियों को ब्लैकमेल कर पैसा लेकर समझौता किया। किसी से शादी की,तो किसी पर दुष्कर्म का मुकदमा लिखा गया। उसमें एक डॉक्टर है,दूसरा देहरादून में तैनात रहा सिपाही है। बेहड़ ने नसीहत दी कि पूर्व विधायक,प्रधान पति मिलकर दरऊ की जनता को धोखा दिया जा रहा है। मुस्लिम नेता बनकर हिमायती होने का दिखावा किया जा रहा है। जल्द ही एक बड़ा खुलासा ओर करुंगा।




