रुद्रपुर । कोतवाली हो या फिर थाना। पुलिस नियमानुसार इस्पेक्टर की तैनाती होती आ रही हैं, लेकिन पिछले कई दिनों से जहाँ रुद्रपुर कोतवाली कोतवाल विहीन हैं। वही कोतवाली पंतनगर हो फिर कोतवाली रुद्रपुर। दोनो ही कोतवाली को दरोगा चला है,जबकि जिले में कई ऐसे योग्य इंस्पेक्टर हैं। जिनको अनुभव के आधार पर तैनाती देनी चाहिए। कोतवाल विहीन कोतवाली होने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही कामकाज पर असर पड़ रहा है।
बताते चले कि पुलिस नियमानुसार आमतौर पर देखा जाता हैं कि कोतवाली हो या फिर थाना। इनको संभालने की जिम्मेदारी हमेशा निरीक्षक के कंधों पर होती है, लेकिन 24 सिंतबर को तत्कालीन रुद्रपुर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू को पुलिस लाइन भेज दिया गया था और 18 दिन बीत जाने के बाद भी कोतवाली रुद्रपुर को दो एसएसआई चला रहे है। वही कोतवाली पंतनगर को दरोगा नंदन सिंह पिछले लंबे समय से संभाल रहे,जबकि कोतवाली पंतनगर में निरीक्षक की तैनाती होनी चाहिए थीं। वास्तविकता यह भी है कि अनुभवी और वरिष्ठता के आधार पर निरीक्षक को कोतवाल बनाया जाता हैं और यह भी सत्य है कि कई अनुभवी इंस्पेक्टर आला अधिकारियों के ऑफिस का कामकाज संभाल रहे है अब सवाल यह उठता है कि क्या कार्यालयों में तैनात कोई भी इंस्पेक्टर अनुभवी नही है। जो कोतवाल बनकर कानून व्यवस्था को सभाले। एक तरफ दरोगा कोतवाली संभाल रहे और दूसरी तरफ रुद्रपुर कोतवाल नही का दंश झेल रही हैं। जिसकी वजह से कानून व्यवस्था और कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
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जल्द ही कोतवाली में तैनात होंगे कोतवाल
रुद्रपुर। एसएसपी अजय गढ़पति कुंभार ने बताया कि इसी सप्ताह कोतवाली में जल्द ही कोतवाल की तैनाती की जाएगी और पंतनगर में भी मेहनती ऑफिसर की नियुक्ती विचारोपरान्त की जाएगी। ताकी सही से कार्य हो सके और स्थिरता प्रदान हो। केवल खानापूर्ती के लिये पोस्टिंग नहीं की जायेगी।


