नैनीताल। उद्यान विभाग द्वारा ज्योलीकोट क्षेत्र के किसानों को आलू बीज की पर्याप्त आपूर्ति नहीं किए जाने से किसानों के खेत बंजर रह गए हैं। किसानों ने उद्यान विभाग की कार्य प्रणाली पर रोष व्यक्त किया है। बहुउद्देशीय किसान सहकारी समिति के अध्यक्ष राकेश मेहरा ने बताया कि ज्योलकोट न्याय पंचायत के तहत आने वाले कृषि क्षेत्रों ग्राम रूसी, आरूखान, जमीरा, कूण रिया, चोपड़ा, सरियाताल बल्दियाखान के काश्तकारों द्वारा शीतकालीन आलू का बीजारोपण जनवरी माह के प्रथम सप्ताह तक कर लिया जाता था लेकिन इस वर्ष उद्यान विभाग द्वारा माह फरवरी के 15दिन बीत जाने के बाद भी किसानों की जरूरत के अनुसार बीज की उपल्बधता नही की गयी।
कुछ इलाकों में आलू बीज विभाग द्वारा बहुत ही कम मात्रा में वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि शीतकालीन आलू उत्पादन से किसानों को उत्पादित आलू की अच्छी कीमत के साथ इसी उत्पाद से अगली फसल के लिए बीज भी मिल जाता था जिससे उन्हें दोहरा फायदा होता था। लेकिन किसानों को अब अगली फसल के लिए बीज जालंधर से मंगाना पड़ेगा जिसमें उन्हें बीज से ज्यादा बीज मंगाने के भाड़े में खर्च कर दोहरा नुकसान झेलना पड़ेगा। मेहरा ने बताया कि उद्यान विभाग को पूवज़् में ही किसानो की आलू बीज की मांग से अवगत करा दिया गया था लेकिन विभाग द्वारा अभी तक भी बीज उपलब्ध नही कराया गया जिस कारण किसानों के खेत बंजर है। उद्यान विभाग की इस लापरवाही के कारण किसानों की आय पर विपरीत असर पड़ा है जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय दुगनी करने के दावे कर रही है। मेहरा ने कहा कि लापरवाहीबरतने वाले अधिकारियों के प्रति समुचित कार्यवाही की जाएं।




