खटीमा। सुरई वन रेंज में बनी वर्षों पुरानी नजीबुल्लाह शाह उर्फ नज्जू शाह बाबा की मजार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचाने हेतु आज भारी संख्या में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा तथा उत्तराखंड दिव्यांग सशक्तिकरण एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने खटीमा उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट को ऐतिहासिक मजार से जुड़े तथ्यों से संबंधित साक्ष्य सौंप कर मजार ना तोड़े जाने की गुहार लगाई। इस दौरान साक्ष्य के आधार पर लोगों ने कहा कि मई 1943 में खंडहर में तब्दील मजार को तत्कालीन वन रेंज अधिकारी चतुर्वेदी ने मजार का पुनर्निर्माण कराया था। यह लगभग 157 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मजार है। जिससे मुस्लिम वर्ग के साथ ही विभिन्न वर्गों के लोगों की भावनाएं एवं आस्था जुड़ी हुई है। इस जगह पर वर्ष में एक बार भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लोगों ने इस ऐतिहासिक मजार को अवैध कब्जा ना मानकर इसे संरक्षित रखे जाने की गुहार प्रशासन से लगाई है। वहीं उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट ने आश्वस्त करते हुए बताया कि मजार के संबंध में साक्ष्य सौंपकर मजार न तोड़ने की गुहार लगाई गई है। साक्ष्य के आधार पर मजार 157 वर्ष पुरानी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एसडीओ वन विभाग से वार्ता कर तथा जांच करने के बाद ही तथ्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कामिल खान,अमानत हुसेन, हाफिजुर रहमान, मोहम्मद असद, मोहम्मद मुस्तकीम मलिक, आरिफ अंसारी, शाह अब्दुल शकूर, मोहम्मद कासिम नेशनल चैंपियन,अफजल, नदीम अली, जीशान, अरबाज, सलमान, इमरान अंसारी, यासीन कुरेशी,इकराम अंसारी,परवेज़ इदरीसी,मोहम्मद कासिम, जावेद रज़ा, नायाब हुसेन,चांद कसगर,अली हसन, इरफान तथा फिरासत नायाब सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।




