हरिद्वार। मित्र पुलिस की छवि पर दाग लगा है। हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एक दारोगा को विजिलेंस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामला ज्वालापुर कोतवाली का है। यहां तैनात दारोगा इंद्रजीत राणा धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बजाय 41 सीआरपीसी का नोटिस तामील कराने के नाम पर आरोपी से 20 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी। इस पर आरोपी ने विजिलेंस को सूचना दी और देहरादून से आई एक टीम ने पूरा जाल बिछाया। प्लानिंग के तहत नोटों पर रंग लगाकर दारोगा को पकड़ाया गया। हाथ में आते ही नोटों से रंग छूट पढ़ा और विजिलेंस टीम ने दारोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले की जानकारी पुलिस विभाग में जंगल की आग की तरह फैल गई और हड़कंप मच गया। देर रात तक आला अधिकारी घटना की जानकारी लेने में जुटे थे और विजिलेंस की टीम आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर कागजी कार्रवाई करने में जुटी रही। पुलिस कप्तान अजय सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दारोगा इंद्रजीत सिंह राणा को विजिलेंस ने 20 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप किया है। मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इधर पकड़े गए आरोपी दारोगा इस मामले को झूठा बता रहे हैं। साथ ही अपने आप को बेकसूर बताते हुए इसे एक साजिश बताया है और गलत तरीके से फंसाने की बात कही है।




