रुद्रपुर। जीएसटी भवन परिसर में उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर राज्य कर विभाग के मिनिस्ट्रियल कार्मिकों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष विशाल अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2017 में भारत में नई कर प्रणाली जीएसटी लागू की गई, लेकिन राज्य कर विभाग में कार्मिकों की संख्या पूर्व की भांति 777 ही है। इससे कार्मिकों पर कार्य का अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। कार्मिक लंबे समय से जीएसटी के अनुरूप ढांचा बनाने की मांग कर रहे हैं। कार्मिकों के दबाव के चलते नवंबर 2023 में विभाग ने 953 पदों का ढांचा बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन कई बार संगठन के पदाधिकारियों के साथ शासन स्तर पर वार्ता होने और विभाग की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी ढांचा आज तक स्वीकृत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जो कार्मिक राज्य कर अधिकारी नहीं बनना चाहते हैं, उनका नाम भी पदोन्नति सूची में अनावश्यक रूप से शामिल हो रहा है। इससे पदोन्नति चाहने वाले कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ समय से नहीं मिल रहा है। यह विलंब नियमावली पुरानी होने के कारण हो रहा है। नियमावली को नये स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार अपडेट नहीं किया गया है। नियमावली में संशोधन के लिए दो वर्ष पूर्व प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन शासन ने उस पर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इस मौके पर प्रांतीय प्रवक्ता संजय उपाध्याय, रुद्रपुर शाखा अध्यक्ष भीम सिंह, राकेश जखमोला, शेखर चुफाल, जीवन सिंह बिष्ट, कुसुम वर्मा, कहकशां कुरैशी, सुमन चुफाल, संगीता साह, गीता कोरंगा, जितेंद्र सिंह राणा, अरविंद राणा, करुणा, मोहित कुमार, मोहित तिवारी, रवि प्रकाश, सचिन चौहान, मो. वसीम, दीपक कुमार, हेमचंद्र लोहनी, महेंद्र कुमार, भगत सिंह खाती, किरन भंडारी, सबा रानी, सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, नितीश जोशी, नीरज कुमार, मीना राणा आदि रहे।




