रुद्रपुर। काशीपुर बाइपास में बराड ओवरसीज के नाम से कार्यालय खोलकर विदेश भेजने के नाम पर ठगी के आरोपी रहे खुशवंत सिंह के खिलाफ एक और ठगी का मामला सामने आया है। पूर्व में भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं अब बिलासपुर रामपुर निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने खुशवंत और दो अन्य पर बहू और बेटे को इंग्लैंड भेजने के नाम पर सात लाख से अधिक की ठगी का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सतपाल सिंह पुत्र मुख्तयार सिंह निवासी ग्राम रम्पुरा बुजुर्ग, बिलासपुर रामपुर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उसका बेटा गगनदीप सिंह और वधु उर्मिला मेहरा विदेश जाना चाहते थे। इस पर उसने रुद्रपुर में काशीपुर बाइपास स्थित बराड ओवरसीज के कार्यालय में मई 2022 में संपर्क किया। बराड ओवर सीज के स्वामी खुशवन्त सिंह ने बहू को पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजने और बाद में उसके पति को भी इंग्लैंड भेज देने का वादा किया। खर्चा पूछने पर दूसरे कमरे में बैठे किरणदीप कौर और मनमोहन सिंह से खर्चे और कॉलेज के बारे में बात करने को कहा। किरण दीप कौर और मनमोहन सिंह ने इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराने का झांसा दिया और इसके लिए दस लाख का खर्च बताया। इस पर एक जून 2022 को अपने परिचित रमनदीप सिंह के खाते से 50 हजार खुशवन्त सिंह के खाते में ट्रांसफर करवाए और दो लाख रुपये किरणदीप कौर और मनमोहन सिंह को कार्यालय में जाकर नगद दिए। इसके बाद किरणदीप कौर और मनमोहन सिंह उसके बेटे और बहू को मेडिकल कराने दिल्ली ले गए। इसी बीच पुत्रवधु का कथित तौर पर यूनिवर्सिटी का ऑफर लेटर भी दे दिया। इसके बाद उन्होंने बकाया रकम देने को कहा। जिस पर 15 सितंबर 2022 को उसने बैंक इंडिया बैंक के अपने खाते से किरणदीप कौर को चेक दिया और पांच लाख रुपये अपनी गाड़ियां बेचकर दिए। इसके बाद खुशवन्त सिंह, किरणदीप कौर और मनमोहन सिंह ने बेटे और बहू का पासपोर्ट अपने पास लेकर वीजा अप्लाई कराया। इसका मैसेज खुशवन्त सिंह ने अपने मोबाइल नंबर से उसके मोबाइल नंबर पर भेजा। इससे पूर्व 28 सितम्बर 2022 को वीएफएस ग्लोबल से उसे मैसेज के माध्यम से वीजा अग्रसारित होने की जानकारी मिली। 17 अक्टूबर को 2022 को मैसेज से बहू के वीजा लगने की जानकारी मिली लेकिन वीजा नहीं मिला। कार्यालय में कई चक्कर लगाए लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे। बाद में पता चला कि खुशवन्त सिंह, किरणदीप कौर व मनमोहन सिंह के विरुद्ध विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोप में एफआईआर हुई है और खुशवन्त सिंह और मनमोहन सिंह जेल में हैं। इस पर उसने किरणदीप कौर से संपर्क किया। किरणदीप कौर ने जल्द सारी रकम लौटाने की बात की। एक-एक लाख के दो चेक दिए लेकिन इसमें से एक ही क्लीयर हुआ जबकि दूसरा बाउंस हो गया। उसने शेष रकम मांगी लेकिन नहीं लौटाई गयी। खुशवन्त सिंह, किरणदीप कौर और मनमोहन सिंह ने विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी कर उसकी रकम हड़प ली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।




