चंपावत। मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार जेब ढीली करनी पड़ेगी। प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं से सफाई शुल्क वसूलेगा। इसके लिए प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय 27 जनवरी को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। मां पूर्णागिरि धाम में हर वर्ष 17 लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेकते हैं।
मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार सफाई शुल्क देना पड़ेगा। इसके लिए प्रशासन ने कवायद शुरू की है। सफाई व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन ने खाका खींचा है। सफाई शुल्क एनजीओ और जिला पर्यटन विकास काउंसिल (डीटीडीसी) वसूल करेगा। प्रशासन ने सॉलेड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सफाई शुल्क वसूलने की योजना तैयार की है।
हालांकि इस पर अंतिम निर्णय 27 जनवरी को टनकपुर में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में मंदिर समिति, पुजारी, व्यापारियों और अन्य लोगों से सलाह मशविरा किया जाएगा। इसके अलावा उचौलीगोठ, भैरव मंदिर और ठूलीगाड़ में वाहन पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के लिए भी विचार विमर्श किया जाएगा।
पूर्णागिरि धाम में इस बार हाईटेक सिस्टम से कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। मुख्य मेले में इसकी शुरुआत प्रशासन की ओर से की जाएगी। इसके लिए मेला संचालन समिति कॉम्पेक्टर मशीनों का इस्तेमाल करेगी। पूर्णागिरि धाम में पहली बार कूड़े के निस्तारण के लिए हाईटेक सिस्टम उपयोग में लाया जा रहा है। बल्कि प्रसाद वितरण के लिए भी कपड़े की थैलियों का ही उपयोग किया जाएगा।
नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चम्पावत।




