काशीपुर। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर समलैंगिक विवाह पर कानूनी रोक लगाने तथा न्याय पालिका द्वारा इस विवाह को वैध घोषित नहीं करने की मांग की।
सोमवार को देवभूमि पर्वतीय महासभा, श्रीकृष्ण यादव महासभा, ब्राहमण महासभा, काशीपुर डवलपमेंट फोरम, उत्तरांचल पंजाबी महासभा समेत अन्य संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अभय प्रताप सिंह को सौंपा। जिसमें समलैंगिक विवाह की मांग का विरोध किया गया। कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, जातियों एवं उप जातियों का देश है। इसमें शताब्दियों से केवल जैविक पुरूष एवं जैविक महिला के मध्य विवाह को मान्यता दी है। विवाह को विभिन्न नियमों, अधिनियमों, लेखों एवं लिपिकों में परिभाषित किया गया है। सभी धर्मों में केवल विपरीत लिंग के दो व्यक्तियों के विवाह को दो अलग लैंगिकों के पवित्र मिलन के रूप में मान्यता देते हुए भारत का समाज विकसित हुआ है। कहा कि वास्तव में समलैंगिक विवाह भारतीय संस्कृति, धर्म, पुरातन मान्यताओं, सभ्यता के उच्च आदर्शों व मान मर्यादाओं के विपरीत है। संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से स लैंगिक विवाह पर कानूनी रोक लगाने, न्याय पालिका द्वारा इस विवाह को वैध घोषित नहीं करने की मांग की है।




