किच्छा। सर्किल रेट बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों ने शासन के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु आईएएस तहसीलदार अनामिका सिंह को ज्ञापन देकर सर्किट रेटों पर दोबारा से विचार करने की मांग की।
शुक्रवार को रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में धरना देते हुए अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों ने आरोप लगाया कि नए सर्किट रेट में बेतहाशा वृद्धि होने से आम जनता पर अधिक बोझ पड़ रहा है। कुछ गांव में सर्किल रेट 225 प्रतिशत के हिसाब से 66 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर से बढ़ा कर 1 करोड़ पचास लाख रुपये प्रति हेक्टेअर कर दिया गया है। जोकि पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने धरना प्रदर्शन के साथ नारेबाजी करते हुए चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सर्किल रेटो पर दोबारा विचार नहीं किया गया तब वह विरोध प्रदर्शन के साथ कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशिक्षु आईएएस तहसीलदार अनामिका सिंह को ज्ञापन देकर सर्किट रेटों पर दोबारा से विचार करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालो में जीवन जोशी, शोभित शर्मा, आरएस कुशवाह, शकील अहमद, प्रगट सिंह, रुखसाना मलिक, नमित जोशी, अरविंद शर्मा आदि थे।
शुक्रवार को रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में धरना देते हुए अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों ने आरोप लगाया कि नए सर्किट रेट में बेतहाशा वृद्धि होने से आम जनता पर अधिक बोझ पड़ रहा है। कुछ गांव में सर्किल रेट 225 प्रतिशत के हिसाब से 66 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर से बढ़ा कर 1 करोड़ पचास लाख रुपये प्रति हेक्टेअर कर दिया गया है। जोकि पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने धरना प्रदर्शन के साथ नारेबाजी करते हुए चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सर्किल रेटो पर दोबारा विचार नहीं किया गया तब वह विरोध प्रदर्शन के साथ कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशिक्षु आईएएस तहसीलदार अनामिका सिंह को ज्ञापन देकर सर्किट रेटों पर दोबारा से विचार करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालो में जीवन जोशी, शोभित शर्मा, आरएस कुशवाह, शकील अहमद, प्रगट सिंह, रुखसाना मलिक, नमित जोशी, अरविंद शर्मा आदि थे।




