जसपुर। तालीम हासिल करना हर मुसलमान मर्द औरत पर फर्ज है। पैगम्बर हजरत मौहम्मद साहब ने कहा था कि तालीम का दायरा इतना वसीअ होना चाहिए कि बच्चें मां की गोद से लकर कब्र में जाने तक तालीम हासिल करें। यह बात इलाहाबाद से आये मुफ्ती सलीम अहमद मिस्बाही ने लकड़ी मंडी चौक पर आयोजित मदरसा जामिया अरबिया अहलेसुन्नत बदरूल उलूम के 82वें सालाना जलसे को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होने कहा कि मुसलमानों के तालीम का स्तर गिरता जा रहा है। अगर वे अब भी तालीम हासिल करने को अपना मकसद बना लेंगे तो उनकी आने वाली नस्ल सुधर जाएगी। इससे पूर्व मदरसे के छात्र द्वारा कुरआन की तिलावत से जलसे का आगाज किया गया। इस मौके पर मदरसे के 30 छात्रों को डिग्रीयां प्रदान की गई। जिसमें मौलवियत एवं हिफ्ज के पांच-पांच, किरात के 13 तथा आलमियत के 7 छात्रों के सरों पर दस्तार बांध कर सम्मानित किया गया। मौलाना इनामुलहक ने संचालन किया। अंत में मुफती सलीम अहमद ने दुआ कराई। यहां मौलाना शुएब आलम, कारी साजिद रजा, मौलाना अमीर हमजा, कारी नईम अहमद, मौलाना सलमान रजा, मौलाना असीरूद्दीन, मुफ्ती जीशान, कारी अंजार, मौलाना आसिम उल कादरी, मेंबर नसीम अहमद, शाहिद हुसैन, मौ.इस्लाम, शाहनवाज आदि मौजूद रहे।




