रूद्रपुर। खटीमा क्षेत्र में वर्षा बाढ़ से भारी जलभराव होने पर मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी योगेन्द्र सिंह रावत ने खटीमा बाजार, नगला तराई गांव, मेलाघाट जमौट, प्रतापपुर आदि जलभराव क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू व राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा किसी को भी कतई परेशानी नहीं होने दी जाएगी, लोग संयम व धैर्य से काम लें, सभी को प्रशासन द्वारा राहत पहुँचाई जायेगी। मण्डलायुक्त श्री रावत ने जिलाधिकारी उदयराज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, उपजिलाधिकारी रवीन्द्र बिष्ट, एनडीआरएफ के श्री दुबे से रेस्क्यू , राहत-बचाव कार्यों की पूर्ण जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि कल रात से क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण प्रातः जलभराव हो गया था, प्रातः से ही रेस्क्यू, राहत बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। रेस्क्यू , राहत बचाव कार्य जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के माध्यम से सुचारू है तथा जलभराव क्षेत्रों से लोगों को रेस्क्यू कर निकालने का कार्य सुबह से ही किया जा रहा है। अभी तक प्रशासन, पुलिस व एनडीआरएफ द्वारा क्षेत्र के लगभग 500 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया है व उन्हें रिश्तेदारों के घर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जो घर में रहकर ही पानी के कम होने का इंतजार कर रहे है उन्हें खाना-पानी दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजीव नगर अमाऊ, पकड़िया, प्रतापपुर व तराई नगला क्षेत्र में पानी भरा हुआ था, सभी जगह राहत बचाव कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि राहत बचाव एवं राहत शिविर की पूर्ण तैयारियां है। सभी जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी वहीं कैंप कर रहे है, सारी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जायेगी।
आयुक्त ने सभी लोगों से अपील की है कि वर्षाकाल में सांपों के काटने का भय रहता है इसलिए चारपाई में व ऊंचे स्थानों पर सोये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चिकित्सालयों में एन्टी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में रखने व जल जनित बीमारियों की दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिये। राहत बचाव कार्यों में अपर जिलाधिकरी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी रवीन्द्र बिष्ट सहित जिला प्रशासन के अधिकारी व एनडीआरएफ/एसडीआरएफ पुलिस आदि मौजूद थे।




