लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाइवे के फरीदपुर टोल प्लाजा पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के काफिले द्वारा की गई गुंडागर्दी से दहशत का माहौल बन गया। पूर्व सांसद ने सत्ता की हनक दिखाते हुए टोलकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके साथ मौजूद गुर्गों ने असलहों के साथ हिंसा कर माहौल को और बिगाड़ दिया।
टोल मांगने पर भड़के पूर्व सांसद, गुर्गों ने मचाया उत्पात
धर्मेंद्र कश्यप अपने काफिले के साथ फरीदपुर जा रहे थे। टोलकर्मियों द्वारा टोल मांगने पर पूर्व सांसद भड़क गए। उनके भड़कते ही काफिले में मौजूद अन्य गाड़ियों में सवार गुर्गे भी उग्र हो गए। ये लोग असलहों से लैस थे और उन्होंने अपनी राइफल की बट से टोलकर्मियों पर हमला कर दिया।
टोलकर्मी पर जानलेवा हमला
हमले के दौरान टोलकर्मी श्रेयांश उपाध्याय को गनर ने गर्दन दबाकर पीटा और उसकी पीठ पर बंदूक की बट से वार किया। जब अन्य टोलकर्मियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उन्हें भी गालियां दी गईं और डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
इस घटना से टोल प्लाजा पर हड़कंप मच गया और वहां मौजूद लोग सहम गए। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना कैद हो गई, जिसमें पूर्व सांसद के गुर्गों को टोलकर्मियों के साथ मारपीट करते साफ देखा जा सकता है।
टोल मैनेजर का बयान
टोल मैनेजर संजीव के अनुसार, टोलकर्मी श्रेयांश उपाध्याय एक बाहरी व्यक्ति था, इसलिए वह धर्मेंद्र कश्यप को पहचान नहीं पाया। हालांकि, पहचान बताने के बाद धर्मेंद्र कश्यप की गाड़ी को बिना टोल दिए जाने दिया गया, लेकिन अन्य गाड़ियों का टोल मांगने पर गुर्गे भड़क गए और मारपीट करने लगे। संजीव का कहना है कि नियमानुसार पूर्व सांसद को भी टोल में कोई छूट नहीं है।
पूर्व सांसद ने दी सफाई
पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि टोल पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया था और टोलकर्मी गुंडागर्दी कर रहे थे। हालांकि, घटना के दौरान सीसीटीवी फुटेज में टोलकर्मियों के बजाय कश्यप के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा साफ देखी जा सकती है।
कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक राजनेता सत्ता के अहंकार में कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे।





