रिपोर्टर शाहिद खान
रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा सरकार बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है, जबकि कांग्रेस ने वर्षों तक इस विषय पर केवल राजनीति की।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी संगठन के निर्देश पर बिहार चुनाव में व्यस्त थे, इस बीच कांग्रेस नेता बंगाली समाज के नाम पर भ्रामक बयानबाजी करने लगे। जबकि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने कभी भी बंगाली समाज के लिए ठोस कार्य नहीं किया।
शिव अरोरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2007 में खंडूरी सरकार के समय पंतनगर में सर्वे कराकर बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, मगर उस समय की कांग्रेस सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उन्होंने बताया कि उनके अनुरोध पर 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंगाली समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद प्रस्ताव को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भेजा, जिसे आयोग ने 14 फरवरी 2024 को केंद्र सरकार को अग्रेषित कर दिया।
विधायक अरोरा ने कहा कि भाजपा के नेता वर्षों से इस विषय को गंभीरता से उठाते रहे हैं — चाहे 1992 में सांसद बलराज पासी हों या पूर्व सांसद अजय भट्ट।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “जो नेता बीस साल विधायक और मंत्री रहे, वे अब बंगाली समाज के नाम पर भ्रम फैलाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। अगर चिंता थी, तो अपने कार्यकाल में क्यों नहीं किया कुछ?”
विधायक अरोरा ने विधायक मुन्ना सिंह चौहान के हालिया बयान पर कहा कि यह उनका निजी विचार है, पार्टी या सरकार का उससे कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि गैरसैंण सत्र के दौरान भी इसी मुद्दे पर मुन्ना सिंह चौहान ने माफी मांगी थी। अरोरा ने कहा — “भाजपा सरकार बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार तक प्रस्ताव पहुंचा चुकी है।”




