बरेली को सांप्रदायिक आग में झोंकने वाली सोची-समझी साजिश की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। शहर की फिजा में जहर घोलने वाले उस विवादित और भड़काऊ लेटर को पुलिस ने IMC नेता नदीम के घर से बरामद कर लिया है। नदीम को मौलाना तौकीर रजा का बेहद खास सिपहसालार माना जाता है पुलिस ने आरोपी नदीम को अदालत से 4 घंटे की रिमांड पर लिया। जब पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तो सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई थी।
सुरक्षा घेरा: कई थानों की फोर्स और PAC तैनात।
नाकाबंदी: अस्पताल की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था।
एसपी सिटी मानुष पारीक के अनुसार, बरामद लेटर वही है जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर हजारों की भीड़ को उकसाया गया था।
फॉरेंसिक जांच: इस मामले में लियाकत नामक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल हुआ है। अब पुलिस इस पत्र को फॉरेंसिक लैब भेज रही है ताकि असली लेखक का चेहरा बेनकाब हो सके।
हिंसा का वो काला दिन: 26 सितंबर का घटनाक्रम
याद दिला दें कि 26 सितंबर को इस्लामिया ग्राउंड में भीड़ जुटाने के आह्वान के बाद जिला पंचायत रोड पर भारी उपद्रव हुआ था:
हिंसक पथराव: उपद्रवियों ने पुलिस पर अंधाधुंध पत्थरबाजी की।
लूटपाट: पुलिसकर्मियों से वायरलेस सेट, हथियार और एंटी-राइट गन तक छीन ली गई।
अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और 100 से अधिक उपद्रवी सलाखों के पीछे हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश तेज प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बरेली का अमन-चैन बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मौलाना तौकीर रजा और नदीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में जांच जारी है। एजेंसियां अब उन सफेदपोश चेहरों की तलाश में हैं, जो पर्दे के पीछे से




