रुद्रपुर। :-पिछले आठ सालों से 105 करोड़ की राजस्व वसूली जिला आबकारी विभाग के लिए एक चुनौती बनी हुई है। हर साल रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने के बाद भी जिले के शराब कारोबारियों ने अभी तक राजस्व जमा नहीं किया और रिकवरी फाइल भी अटकी पड़ी हुई है। जिसको लेकर जिला आबकारी विभाग ने एक बार फिर राजस्व प्राप्ति के लिए मशक्कत शुरू कर दी है।
बता दे कि वर्ष 2018-19 से वर्ष 2024 से 25 तक जिला आबकारी विभाग ने जिले की मदिरा दुकानों की निविदा के आधार पर आवंटन कराया था। उस वक्त जिला आबकारी विभाग के सामने कुल 81 बकायेदारों की सूची थी और आबकारी विभाग ने आरसी काटते हुए कड़ी मशक्कत के बाद महज पांच बकायेदार से पांच करोड़ रुपये का बकाया चुकता किया था,लेकिन अभी भी विभाग के सामने 75 शराब कारोबारियों का बकाया वसूली एक चुनौती बनी हुई है। हालांकि विभाग द्वारा हर वर्ष बाकीदार के रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दिए है और जिलाधिकारी को वसूली रिपोर्ट भी भेज दी है। बावजूद इसके पिछले आठ सालों से 75 मामलों की फाइल दफ्तर में अटकी हुई है। 29 मामले न्यायालय,46 की कटी आरसी
रुद्रपुर। हालांकि बकाया वसूली से जुड़े 29 मामले न्यायालय और आबकारी आयुक्त स्तर पर अपील विचाराधीन है और 46 मामलों में करीब 54 करोड़ रुपये की वसूली के लिए आबकारी विभाग ने आरसी जारी कर दी है। साथ ही तीन मामलों में बकायेदारों की संपत्ति को कुर्क हो चुकी है। विभाग का दावा है कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों की सुनवाई होने के बाद वसूली की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
रुद्रपुर। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि पिछले आठ सालों से लंबित वसूली मामले में न्यायालय और आबकारी आयुक्त स्तर तक विभाग पैरवी करेगा और 75 बकाये दारों से 105 करोड़ की राजस्व वसूली का प्रयास कर रहा है। जिसको लेकर एक बार फिर डीएम कार्यालय में पत्राचार कर संपत्ति कुर्क की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी,क्योंकि राजस्व वसूली करने का अधिकार जिला प्रशासन को है।




