रुद्रपुर:-अनिल हत्याकांड के कातिल शराबी दोस्त सुनील कुमार से जब पुलिस ने पूछताछ की। तो अभियुक्त का कहना था कि 30 जुलाई की शाम को उसकी जेब से पांच हजार रुपये चोरी हुए थे और उसे प्रबल संदेह था कि अनिल ने ही पैसे चोरी किए है। इसको लेकर उसने कई बार पूछा भी,लेकिन मृतक अनिल इंकार करता रहा। फिर उसने बदला लेने की साजिश रची।
कोतवाली ट्रांजिट कैंप प्रभारी धर्मवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि अनिल मौत प्रकरण की गुत्थी सुलझाने के लिए दरोगा महेश कांडपाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। चार अगस्त को गिरफ्त में आए अभियुक्त सुनील से पूछताछ हुई। तो उसका कहना था कि 30 जुलाई की शाम को पांच हजार रुपये चोरी हुए थे। 31 जुलाई की शाम को उसने षडयंत्र के तहत अनिल के अलावा रोहित राजपूत,विजय कुमार को भी शराबी पार्टी में बुलाया। सभी ने शराब पी और फिर दोनों अपने घर चले गए,लेकिन उसने अनिल को शराब पीने के प्रेरित किया और फिर शिव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में ले गया। जहां उसने कम शराब पी,लेकिन अनिल को शराब पिलाता रहा। अत्याधिक शराब पिलाने के बाद उसने रस्सी से गला दबाया,फिर लकड़ी की फंटी से सिर पर कई वार किये और थोड़ी देर बैठकर उसकी आखिरी सांसे गिनता रहा और जब वह मर गया। हादसा दिखाने के लिए उसने पैर पकड़ कर जमीन पर रगड़ता-खींचता रहा और फिर वहां से फरार हो गया।
रुद्रपुर। हालांकि 31 जुलाई की सुबह शव बरामद होने तक पुलिस यह मान रही थी कि शायद अनिल शराब पीने निर्माणाधीन मकान आया होगा और लड़खड़ाते हुए नीचे गिर गया। एक अगस्त को तस्दीक हुई और पुलिस फॉरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया। तो फंटी पर लगा खून और मृतक के सिर पर लगी गहरी चोट हादसा नहीं,बल्कि हत्या दर्शा रही थी। गले पर भी निशान साफ थे। उसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्याकांड की पुष्टि हो चुकी थी। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया।






