रुद्रपुर।-गुड सर्विस टैक्स द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में जिले के पांच बडे बकायेदार जीएसटी की रडार पर है। हालांकि कार्रवाई के दौरान विभाग ने टैक्स वसूली का थोडा प्रयास किया,लेकिन अभी भी करोड़ों की टैक्स चोरी की वसूली होनी बाकी है। विधिक कार्रवाई के साथ-साथ विभाग ने अब वसूली करने की दिशा में काम शुरु कर दिया है।
बता दे कि जीएसटी विभाग ने सितारगंज ट्रांसफॉर्मर समूह में छापा मारा और 150 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी। इसी प्रकार जसपुर लकड़ी कारोबारी से 18 करोड़ की टैक्स चोरी,रुद्रपुर के आसपास के 16 रियल स्टेट बिल्डर्स पर आई टी सी का गलत प्रयोग कर बड़ी टैक्स चोरी दबाने,काशीपुर का कुक्कू टायर्स हाउस सिडिकेट द्वारा 10 करोड़ और जसपुर के शाने आलम और जफर नेटवर्क पर 1.62 करोड़ का फर्जी आईटीसी घोटाला पकड़ा था। यह सभी कार्रवाई वर्ष 20 25 से वर्ष 2026 में हुई। कार्रवाई के दौरान जीएसटी की एसआईबी ने 20 फीसदी टैक्स वसूला और करोडों का माल व संपत्ति सीज कर दी थी। गिरफ्तारी और विधिक कार्रवाई की पैरवी करने के बाद जीएसटी विभाग ने जिले के पांच बडे बकायेदारों से टैक्स वसूलने की तैयारी शुरु कर दी है। दावा है कि जल्द ही विभागीय जांच टीम अदालत में संपत्ति चिह्नित और नीलामी का आवेदन कर सकती है और प्रयास करेगी कि शत फीसदी 187.37 करोड़ की चोरी को वसूला जाएं।
पांच फर्म पर हो चुकी है ये कार्रवाई
रुद्रपुर। जीएसटी विभाग द्वारा सितारगंज ट्रांसफार्मर समूह से 150 करोड़ की टैक्स चोरी पर 76 करोड़ की अद्योषित स्टॉक को सीज करने व 19.83 करोड़ की रिकवरी,लकड़ी कारोबारी फर्म पर संदिग्ध लकड़ी मिलो,दुकान और घर सीज करने,16 रियल स्टेट से 7.73 करोड़ की रिकवरी,कुक्कू टायर्स पर 70 लाख का नगद जुर्माना डालने और आईटीसी घोटाले के अभियुक्तों की गिरफ्ता री और 10 फर्जी फर्म पर प्रतिबंध लगाया गया।
पांच बकायेदार पर होगी वसूली की कार्रवाई
रुद्रपुर। डिप्टी कमिश्नर ईशान खान ने बताया कि जीएसटी की एसआईबी लगातार टैक्स चोरी मामले में छापामार कार्रवाई करती रहती है। लिहाजा एक बार फिर पांच बडे बकायेदारों की सूची बनाई जा चुकी है और उनकी वैध-अवैध संपत्ति को ब्यौरा भी तैयार है। जल्द ही अदालत में आवेदन कर वसूली आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा और ठोस रणनीति बनाकर कार्रवाई होगी।