जीएसटी चोरी पर पहली बार राज्य कर विभाग ने ब्यूटी पार्लरों में मारा छापा
सरसरे तौर पर ही लाखों रुपये की कर चोरी निकल आई, चकराए अफसर
देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने जीएसटी चोरी पर पहली बार ब्यूटी पार्लरों पर छापा मारा है। चार प्रतिष्ठित पार्लरों के देहरादून, ऋषिकेश व मसूरी में आठ ठिकानों और एक कास्मेटिक सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में लाखों की टैक्स चोरी का अनुमान है। जो प्रतिष्ठान सीधे ग्राहकों के साथ कारोबार (बिजनेस टू कंज्यूमर) कारोबार करते हैं, उनमें बड़े स्तर पर कर चोरी देखने को मिल रही है। खासकर ब्यूटीपार्लर जैसे प्रतिष्ठान, जहां अधिकांश कारोबार नकद में होने और बिल प्राप्त करने का चलन न होने के चलते, हालात अधिक पेचीदा हैं।
इसके बाद अधिकारियों ने ब्यूटीपार्लर चेन के गल्लों में जमा होने वाली रकम को भी निगरानी में लिया। जिसके औसत आकलन पर तय किया गया कि कारोबार के मुताबिक बेहद कम कर जमा किया जा रहा है। कर चोरी की पुष्टि हो जाने के बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई। ब्यूटीपार्लर चेन के कारोबार को पृथक रूप से दिखाने के लिए अलग-अलग आठ शाखाओं के आठ पंजीकरण जीएसटी में कराए गए हैं। विभागीय जांच में पता चला कि सभी शाखाओं के संचालन एक ही परिवार कर रहा है। कर चोरी से बचने के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन अलग-अलग लिए गए हैं। बी-टू-सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) वाले कारोबार नकद में ही अधिक किए जाते हैं। ऐसे में बिलिंग कराने की तरफ भी ध्यान नहीं दिया जाता। इसके चलते बी-टू-सी वाले बड़े कारोबारी प्रतिष्ठान आसानी से कर चोरी को अंजाम देते हैं। इस तरह की प्रवृत्ति पर राज्य सरकार की बिल लाओ इनाम पाओ जैसी योजना कारगर साबित हो सकती है। क्योंकि, ग्राहकों में बिल लेने की आदत बढ़ेगी तो कारोबारी भी कर चोरी नहीं कर पाएंगे।




