रुद्रपुर। थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस की कुशल कार्यप्रणाली के चलते एक बेकसूर व्यक्ति जेल जाने से बच गया और नाबालिग से दुष्कर्म मामले के कसूरवार युवक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
बता दें कि ट्रांजिट कैम्प थाने में वादिनी द्वारा एक 55 वर्षीय व्यक्ति पर अपनी नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म की नामजद तहरीर सौंपी थी। जिस पर थाना पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना एसआई नेहा ध्यानी को दी गई। नाबालिग से पूछताछ में भी उसके द्वारा उत्तफ़ व्यक्ति् पर आरोप लगाया, लेकिन व्यक्ति लगातार खुदको बेकसुर बताता रहा। साथ ही जांच में घटना के दौरान उत्तफ़ युवक को कंपनी में कार्य किया जाना पाया गया, जिस पर पुलिस द्वारा टीम का गठन कर गहनता से जांच की गई और पुनः नाबालिग से पूछताछ की गई और पीड़िता की कॉल डिटेल, सीसीटीवी व अन्य जानकारियां जुटाई। गहनता के जांच में पाया गया कि असली गुनहगार कोई और है। पीड़िता को पड़ोस के एक युवक द्वारा बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाना पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उत्तफ़ 20 वर्षीय सुमित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सुमित ने बताया कि वह पीड़िता के पड़ोस में रहता है और उसने छत पर आकर नाबालिग से दोस्ती की व मोबाइल पर बात आदि की। जिसके बाद नागालिग को बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने सुमित को गिरफ्रतार कर जेल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि प्रकाश में आए 55 वर्षीय व्यक्ति पीड़िता के घर के पास ही रहता है और दोनों के परिवारों में आए दिन कलेश रहता है। जिसके चलते पीड़िता ने उस पर आरोप लगाए, जिससे उसके घरवालों को भी प्रकरण सत्य लगे। पुलिस की कुशल कार्यप्रणाली के चलते बेकसुर व्यक्ति जेल जाने से बच गया, जिस पर एसपी क्राइम चंद्रशेखर ने सीओ अनुषा बडोला व थानाध्यक्ष सुन्दरम शर्मा की प्रशंसा की। गिरफ्तारी टीम में एसएचओ सुन्दरम शर्मा, एसआई नेहा ध्यानी, एसआई प्रदीप पंत, कांस्टेबल जगमोहन सिंह, कांस्टेबल राजेन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल राकेश खेतवाल, कांस्टेबल दिनेश चन्द्र, कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल आदि शामिल रहे।




