रूद्रपुर। ग्रामों के विकास के लिए बेहतर कार्ययोजना का तैयार किया जाना आवश्यक है। यह बात पूर्व संयुक्त निदेशक डीपी देवराड़ी ने आज यहां गांधी पार्क में आयोजित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर बतौर मुख्य वक्ता के रूप में कुमाऊं भर से आये ग्राम प्रधानों का मार्ग दर्शन करते हुए कही।
उन्होंने ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत विकास योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पहले ग्राम के मुख्य विकास कायों का लक्ष्य निर्धारित कर लें। उसके बाद बजट के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों का चयन करें। इसमें वह कार्य चुने जिनमें क्षेत्र के अधिकांश को लाभ पहुंच सकता हो। उन्होंने कहा कि ग्राम का विकास क्षेत्र के सभी लोगों को साथ लेकर ही किया जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की पंचायतें मजबूत होंगी। इसके लिए हम सब को मिलकर प्रयास करने होंगे। वहीं स्टेट कोऑर्डिनेटर पंकज नाथ तिवारी, स्टेट प्रोजेक्टर दिनेश गंगवार सहित अन्य कई वक्ताओं ने भी ग्राम प्रधानों को क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक सभी ग्राम पंचायतें ई ग्राम पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हुई है। जिसके लिए सभी ग्राम प्रधानों को प्रयास करने होंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्भल ने कहा कि आज ग्राम प्रधानों को जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है वह उनके द्वारा शपथ लेने के कुछ समय बाद ही दे देना चाहिए था। अब जबकि ग्राम प्रधानों के कार्यकाल समाप्त होने में कुछ ही माह शेष बचे है कार्यशाला आयोजित करना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में दो वर्ष कोरोना काल में व्यतीत हो गये। अब ग्राम प्रधानों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने के लिए प्रदेश भर में आन्दोलन किया जा रहा है। जिस पर शासन प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। कार्यशाला में जनपद उधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, व नैनीताल के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया।




