रुद्रपुर। राजकीय इंटर कॉलेज कनकपुर में बुधवार को रुद्रपुर राइजिंग फाउंडेशन ने मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम में लगभग 100 किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जानकारी दी।
रुद्रपुर राइजिंग की महिला अध्यक्ष चंद्रकला राय ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो हर माह होती है। इस दौरान महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते हैं। इससे उनका व्यवहार और शारीरिक गतिविधियां भी बदल जाती हैं। उन्होंने चार्ट के माध्यम से मासिक चक्र की जानकारी दी।
राय ने कहा कि समाज में आज भी लोगों को लगता है कि मासिक धर्म अपराध है। इस वजह से लड़कियों में हीन भावना तथा शर्म व झिझक बनी रहती है। इसे लोगों को जागरूक कर ही दूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हर महिला इस मासिक चक्र से गुजरती है। मासिक धर्म प्रकृति से जुड़ी प्रक्रिया है। महिलाओं के पीरियड्स आमतौर पर 28 दिनों के भीतर आते हैं, और ये पांच दिनों तक रहता है। इसी कारण हर साल के पांचवें महीने मई की 28 तारीख को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि आज भी कुछ गांवों में अलग-अलग भ्रांतियां हैं। इसमें पीरियड्स के दौरान किचन में न जाना, अचार को न छूना, मंदिर से दूर रहना आदि शामिल हैं।माहवारी के दौरान साफ सफाई स्वच्छता एवं प्रयोग के बाद पैड का सही निष्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान जैन महिला मंडल ने छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरित किए।
इस मौके पर कॉलेज परिसर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक दर्जन छायादार पौधे रोपे गए। इस दौरान प्रधानाचार्य अवधेश कुमार गिरि,अरविंद मिश्रा,अनिल कुमार,विनय कुमार,अजय चौहान,सुमन मिश्रा,अनुपम सिंह, रश्मि शर्मा,मेरी थापा,स्वाति जैन,सारिका जैन,रीता जैन,रुचि जैन, रेनू जैन,श्रीमती ज्योत्सना जैन,उषा जैन,शालू,पूनम आदि मौजूद थी।
रुद्रपुर राइजिंग की महिला अध्यक्ष चंद्रकला राय ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो हर माह होती है। इस दौरान महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते हैं। इससे उनका व्यवहार और शारीरिक गतिविधियां भी बदल जाती हैं। उन्होंने चार्ट के माध्यम से मासिक चक्र की जानकारी दी।
राय ने कहा कि समाज में आज भी लोगों को लगता है कि मासिक धर्म अपराध है। इस वजह से लड़कियों में हीन भावना तथा शर्म व झिझक बनी रहती है। इसे लोगों को जागरूक कर ही दूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हर महिला इस मासिक चक्र से गुजरती है। मासिक धर्म प्रकृति से जुड़ी प्रक्रिया है। महिलाओं के पीरियड्स आमतौर पर 28 दिनों के भीतर आते हैं, और ये पांच दिनों तक रहता है। इसी कारण हर साल के पांचवें महीने मई की 28 तारीख को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि आज भी कुछ गांवों में अलग-अलग भ्रांतियां हैं। इसमें पीरियड्स के दौरान किचन में न जाना, अचार को न छूना, मंदिर से दूर रहना आदि शामिल हैं।माहवारी के दौरान साफ सफाई स्वच्छता एवं प्रयोग के बाद पैड का सही निष्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान जैन महिला मंडल ने छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरित किए।
इस मौके पर कॉलेज परिसर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक दर्जन छायादार पौधे रोपे गए। इस दौरान प्रधानाचार्य अवधेश कुमार गिरि,अरविंद मिश्रा,अनिल कुमार,विनय कुमार,अजय चौहान,सुमन मिश्रा,अनुपम सिंह, रश्मि शर्मा,मेरी थापा,स्वाति जैन,सारिका जैन,रीता जैन,रुचि जैन, रेनू जैन,श्रीमती ज्योत्सना जैन,उषा जैन,शालू,पूनम आदि मौजूद थी।




