उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और पछुआ हवाओं के कारण ठंड में और अधिक इज़ाफा दर्ज किया गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घने कोहरे से बरेली बेहाल, रफ्तार पर लगा ब्रेक आज सुबह बरेली शहर घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। कोहरे के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
अलाव बना ठंड से बचाव का सहारा
शहर के कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते हुए दिखाई दिए। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बीते दो दिन बरेली के लिए इस सीजन के सबसे ठंडे दिनों में शामिल रहे। सुबह के समय घना कोहरा पूरे शहर पर छाया रहा और आज पूरे दिन धूप के दर्शन तक नहीं हुए।
नगर निगम की तैयारी रैन बसेरे और अलाव की व्यवस्था
नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने बताया कि ठंड को देखते हुए नगर निगम द्वारा कुल 7 रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 4 अस्थायी रैन बसेरे हैं। पुराने रोडवेज और डेलापीर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहर में करीब 50 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ठंड और कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी जनप्रतिनिधियों और पार्षदों की मांग पर अलाव की संख्या और बढ़ाई जाएगी। तापमान लगातार गिर रहा है, इसलिए नगर निगम के सभी अधिकारियों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है।
सड़कों पर सोने वालों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के निर्देश
नगर आयुक्त ने बताया कि रात के समय भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति सड़कों पर खुले में न सोए। इसके लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जा सके। यदि किसी व्यक्ति को कंबल की आवश्यकता होती है तो जिला प्रशासन से समन्वय कर उन्हें कंबल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगर आयुक्त के अनुसार, फिलहाल शहर में 50 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




