पहले भी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के खिलाफ हो चुकी है जांचें, सड़ा चना बांटने, आदेशों की अवहेलना के लगे आरोप

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रुद्रपुर,  आपदा बाढ़ प्रभावितों को वितरित राशन किट और पका भोजन बिल में रिश्वत मांगने के आरोपी क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक का यह कारनामा कोई पहला नहीं है। इससे पहले भी जसपुर में सड़ा चना बांटने की जांच और डीएम के आदेशों की अवहेलना प्रकरण में भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि प्रकरण का संज्ञान खुद तत्कालीन सीएम व सीएम सचिव ने लिया था। अब देखना यह है कि रिश्वत मांगने के प्रकरण में फंसे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

खटीमा के मैसर्स आरिफ इंटरप्राइजेज के संचालक ने शिकायती पत्र देकर बताया कि आगामी मानसून 2024 में खटीमा इलाके में आई बाढ़ के कारण आपदा प्रभावितों को उनकी फर्म के माध्यम से राशन किट व पका हुआ भोजन वितरित किया था। 31 जुलाई 2024 को जब जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में बिल पारित करने की रिपोर्ट भेजी तो वहां तैनात क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने उसकी एवज में सुविधा शुल्क यानी रिश्वत देने की मांग की। जिसकी शिकायत फर्म स्वामी ने एसडीएम खटीमा से की। प्रकरण के सामने आने के बाद बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है।
17 मार्च 2021 से 10 जून 2021 के बीच तत्कालीन गोदाम प्रभारी का दायित्व निभा रहे आरोपी द्वारा मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत आई साबुत चना जो कि खराब हो चुका था।

उसी खराब साबुत चने को महुआडाबरा पतरामपुर जसपुर को वितरित कर दिया था। 17.50 क्विंटल चना वितरण में हंगामा होने के बाद तत्कालीन डीएम रंजना राजगुरु ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए सीएम सचिव को पत्र लिखा था। उस वक्त तत्कालीन सीएम ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आदेश भी दिया।

इसके अलावा 18 अक्टूबर 2020 को भी तत्कालीन डीएम रंजना राजगुरु ने जांच कर एक पत्र फिर शासन को लिखा था। जिसमें आरोप था कि वर्तमान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी का स्थानांतरण होने के बाद भी नवीन तैनाती का कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जबकि बार-बार नोटिस भी भेजा गया था।

जिसके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई होनी बेहद जरूरी है। बावजूद प्रकरण को तीन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच व कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई, लेकिन रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे आरोपी के खिलाफ डीएम उदयराज सिंह ने जांच कर कार्रवाई का आदेश पारित किया है। अब देखना यह है कि आरोपी पर कार्रवाई होगी या फिर क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक का रसूख फिर कायम रहेगा।

खटीमा की फर्म द्वारा आपदा बाढ़ प्रभावितों को वितरित राशन किट व पका भोजन प्रकरण में बिल पास करने की एवज में सुविधा शुल्क मांगने का प्रकरण सामने आया है। जिसमें खुद डीएम द्वारा संज्ञान लिया है और जांच अधिकारी नियुक्त किया है। आदेशानुसार जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं तीन दिन के अंदर आरोपी तथ्यों के साथ संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो डीएम को कार्रवाई की संस्तुति के लिए रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।-विपिन कुमार, डीएसओ, ऊधमसिंह नगर

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