रुद्रपुर :-काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी किए जाने के मामले में आईटीआई थानाध्यक्ष और दरोगा को निलंबित कर दिया है। वहीं पैगा चौकी प्रभारी सहित संपूर्ण चौकी को लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी ने तत्काल प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई को अंजाम दिया है।
बताते चले कि रविवार की तड़के जिस प्रकार गांव पैगा काशीपुर निवासी 40 वर्षीय सुखवंत सिंह द्वारा भू माफियाओं पर भूमि खरीद-फरोख्त की आड में चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने और थाना आईटी आई व पैगा चौकी पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए गोली मारकर सुसाइड करने का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही धामी सरकार ने कुमाऊं आयुक्त को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए थे। वहीं एसएसपी मणि कांत मिश्रा ने भी फौरन प्रकरण की सीओ जांच का आदेश दिया था,लेकिन जिस प्रकार आईटी आई और पैगा चौकी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे थे। इन सवालों पर विराम लगाते हुए एसएसपी ने सोमवार को लापरवाही बरतने पर आईटी आई थाना अध्यक्ष कुंदन रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया,जबकि पैगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार के अलावा अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह,सिपाही भूपेंद्र सिंह,दिनेश तिवारी,मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटि, सुरेश चंद्र,योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरि,दीपक प्रसाद,संजय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी की सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस को करना होगा कई जांच का सामना
रुद्रपुर। किसान सुखवंत सुसाइड प्रकरण में फंसे आईटीआई और पैगा चौकी पुलिस को एक नहीं, बल्कि दो जांच का सामना करना पड़ सकता है। निलंबन और लाइन हाजिर की विभागीय कार्रवाई के बाद जहां शासन स्तर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत मजिस्ट्रेट जांच की कमान संभाल रहे है। वहीं सीओ काशीपुर सुखवंत के विवाद की असल वजह और सुसाइड को बेबस करने वाले आरोपियों की तफ्तीश करेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि विवाद प्रकरण में आईटीआई और पैगा चौकी पुलिस की भूमिका क्या है और क्यों प्रकरण में लापरवाही बरती गई थी। जिसकी वजह से सुखवंत सिंह को सुसाइड का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। ऐसे में माना जा रहा है कि निलंबित और लाइन हाजिर पुलिस वालों को कई जांच का सामना पड़ सकता है।
निलंबन-लाइन हाजिर की तफ्तीश करेगी निहारिका
रुद्रपुर। सुखवंत सिंह की सुसाइड से पहले वायरल वीडियो ने जहां प्रदेश में हलचल मचा दी है। वहीं पुलिस के आला अधिकारी भी संजीदा हो गई है। यहीं कारण है कि मजिस्ट्रेट जांच और सीओ जांच के अलावा आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला,उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट के निलंबन और पैगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार के अलावा दस पुलिस कर्मियों के लाइन हाजिर किए जाने की वास्तविक वजह की तफ्तीश का जिम्मा एसपी क्राइम निहारिका तोमर को दी गई है। जिसके बाद प्रकरण की वायरल वीडियो और पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों की जांच एसपी क्राइम ने शुरू कर दी है और जल्द ही निलंबित और लाइन हाजिर पुलिस कर्मियों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जा सकता है।




