*रमज़ान का महीना सेहत और खानपान को संतुलित का सुनहरा मौका *डॉ अनीस बेग*
इस्लाम में रोज़ा आत्मसंयम और शरीर की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है, लेकिन सही खानपान और ज़रूरी एहतियात न बरतने पर यह सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकता है।मशहूर स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनीस बेग ने रोज़ेदारों के लिए कुछ बेहद अहम सलाह दी हैं, जिनका पालन कर रोज़ा रखना आसान और फायदेमंद हो सकता है।
सेहरी में क्या खाना चाहिए?
सेहरी दिन भर की ऊर्जा बनाए रखने के लिए सबसे अहम होती है। डॉ. अनीस बेग के अनुसार, सेहरी में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जो धीरे-धीरे पचें और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करें। सेहरी के लिए सुझाव
जटिल कार्बोहाइड्रेट दलिया, ओट्स, साबुत अनाज की रोटियां, ब्राउन ब्रेड जैसी चीज़ें खानी चाहिए, जिससे शरीर को दिनभर ऊर्जा मिलती रहे।
प्रोटीन युक्त आहार
अंडे, दही, दूध, पनीर और दालें सेहरी में ज़रूर लें, ताकि शरीर को ज़रूरी पोषण मिले।
फाइबर से भरपूर फल – सेहरी में केले, सेब, खजूर और तरबूज़ जैसे फल खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है।
पानी और दूध – सेहरी में खूब पानी पिएं और चाय-कॉफी से बचें, क्योंकि इनमें कैफीन होता है जो शरीर को डीहाइड्रेट कर सकता है।
सेहरी में क्या न खाएं?
ज़्यादा तली-भुनी चीज़ें, मैदे की बनी चीज़ें और बहुत मीठा खाने से परहेज करें, क्योंकि ये जल्दी पच जाती हैं और जल्दी भूख लगने लगती है।
ज्यादा मसालेदार और नमकीन खाना भी सेहरी में न लें, क्योंकि इससे दिन में प्यास अधिक लग सकती है।
2. रोज़े के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
रोज़े के दौरान शरीर में पानी की कमी और ऊर्जा बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
दिनभर हल्का काम करें और सीधी धूप में जाने से बचें।
अगर कमजोरी महसूस हो तो थोड़ा आराम करें और गहरी सांस लें।
बार-बार थूक न निगलें और होंठों को सूखने से बचाने के लिए हल्का पानी से कुल्ला करें।
नमाज़ और तिलावत के जरिए मानसिक शांति बनाए रखें, जिससे शरीर पर रोज़े का सकारात्मक प्रभाव पड़े।
3. इफ्तार में क्या खाना चाहिए?
डॉ. अनीस बेग बताते हैं कि इफ्तार का खाना हल्का और पौष्टिक होना चाहिए, ताकि शरीर को ज़रूरी ऊर्जा मिल सके और पेट पर अधिक दबाव न पड़े
इफ्तार के लिए सुझाव:
खजूर से रोज़ा खोलें यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और पाचन को भी आसान बनाता है।
ताज़ा फल और जूस – संतरा, अनार, तरबूज़, और पपीता जैसे फल खाने से शरीर को प्राकृतिक मिठास और हाइड्रेशन मिलता है।
हल्का और संतुलित भोजन – उबली हुई सब्जियां, ग्रिल्ड चिकन, दालें और सलाद जैसी चीज़ें खाएं।
ज्यादा पानी पिएं – ताकि दिनभर की पानी की कमी पूरी हो सके।
इफ्तार में क्या न खाएं?
बहुत ज्यादा तला-भुना और भारी खाना खाने से बचें, क्योंकि यह पेट में भारीपन और अपच पैदा कर सकता है।
बहुत ज्यादा मीठा खाने से भी बचें, क्योंकि इससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है और फिर जल्दी गिर सकता है।
सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स बिल्कुल न पिएं, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं।
ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है और फिर जल्दी गिर सकता है।
सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स बिल्कुल न पिएं, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं।
4. रोज़े के दौरान बीमारियों से कैसे बचें?
डॉ. अनीस बेग बताते हैं कि रोज़े के दौरान कुछ लोग कमजोरी, सिरदर्द, डिहाइड्रेशन और एसिडिटी जैसी समस्याओं से परेशान हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए:
खूब पानी पिएं और हाइड्रेटिंग फूड्स खाएं।सेहरी और इफ्तार में बैलेंस डाइट लें।
अगर कोई पुरानी बीमारी हो (जैसे डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर), तो डॉक्टर की सलाह से ही रोज़ा रखें।
बहुत ज्यादा मेहनत वाला काम या व्यायाम न करें, ताकि शरीर की ऊर्जा बची रहे।
रोज़ा रखना न सिर्फ इबादत है, बल्कि यह शरीर और आत्मा की शुद्धि का भी एक तरीका है। सही खानपान और कुछ ज़रूरी सावधानियों को अपनाकर हम इसे और भी लाभदायक बना सकते हैं।
डॉ. अनीस बेग के अनुसार, अगर आप सेहरी और इफ्तार में संतुलित आहार लेते हैं, खुद को हाइड्रेट रखते हैं, और दिनभर आराम और संयम बनाए रखते हैं, तो आपका रोज़ा न सिर्फ आसानी से पूरा होगा बल्कि आपकी सेहत को भी बेहतरीन फायदे देगा।





