किच्छा। अष्टमी पूजन के दौरान प्रसाद खाने से एक महिला समेत चार बच्चों का स्वास्थ्य खराब होने पर गंभीर हालत में सरकारी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जबकि चिकित्सालय में उपचार के दौरान तीन बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
नगर के वार्ड नंबर 8 पंत कॉलोनी गैस एजेंसी रोड किच्छा निवासी रंजन सिंह के निवास पर अष्टमी पूजन का कार्यक्रम था अष्टमी पूजन के प्रसाद खाने से रंजन सिंह पत्नी प्रतिमा देवी एवं उसकी पुत्री रूपाली के अलावा पड़ोसी जितेंद्र पाल के पुत्र मयंक तथा दोनों पुत्रियां भूमिका एवं लवली का स्वास्थ्य बिगड़ने पर आनन फानन में सरदार वल्लभभाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जहां चिकित्सकों ने जितेंद्र पाल के पुत्र मयंक एवं दो पुत्रियां भूमिका एवं लवली की नाजुक देखते हुए हायर सेंटर रुद्रपुर रेफर कर दिया। जबकि रंजन सिंह की पत्नी प्रतिमा एवं पुत्री रूपाली का इलाज सरकारी चिकित्सालय में चल रहा है। सरकारी चिकित्सालय के चिकित्सकों द्वारा कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाल सुंदरम शर्मा ,एस एस आई विनोद जोशी, उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, एस आई अर्जुन सिंह, महिला उप निरीक्षक रिनि चौहान, महिला कांस्टेबल रेखा आदि पुलिसकर्मियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तथा प्रसाद खाने से बीमार हुए बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी चिकित्सकों से ली तथा सीएससी में भर्ती महिला प्रतिमा देवी से जानकारी हासिल की। कोतवाल सुंदरम शर्मा ने प्रतिमा के पति रंजन सिंह से प्रसाद आदि की जानकारी ली। जिस पर उसने बताया कि वह पूजा सामग्री के साथ-साथ पंचमेवा पुरानी गल्ला मंडी स्थित विजय किराना स्टोर से लेकर आया था जिसके खाने से यह घटना घटी है। पुलिस ने किराना स्टोर को बंद कराते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने हेतु बुलाया गया है।
जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 8 , गैस एजेंसी रोड पंत कॉलोनी में रंजन सिंह के घर पर अष्टमी पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें कन्या पूजन हेतु पड़ोस के ही जितेंद्र पाल के बच्चे भी प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे थे। प्रसाद ग्रहण करने के दौरान कुछ ही देर में जितेंद्र पाल के पुत्र मयंक पुत्री भूमिका और पुत्री लवली की हालत बिगड़ गई तथा रंजन की पत्नी प्रतिमा एवं पुत्री रूपाली की भी हालत खराब हो गई जिनको तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर मयंक, भूमिका और लवली की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने हायर सेंटर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। रंजन सिंह की पत्नी प्रतिमा एवं उसकी पुत्री रूपाली का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है ।रंजन सिंह ने बताया कि उसके घर अष्टमी पूजन था सभी बच्चों को प्रसाद दिया गया था। जब बच्चों को सूखे पंच मेवे का प्रसाद जिसमें गोला, मिश्री, बादाम आदि मिक्स थे दिया गया तो देते वक्त ही हाथों में जलन सी महसूस होने लगी थी। इस और कोई ध्यान न देते हुए प्रसाद बच्चों को वितरित कर दिया गया जैसे ही बच्चों ने प्रसाद ग्रहण कर खाना शुरू किया तो कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टियां एवं मुंह में जलन शुरू हो गई तथा रंजन सिंह की पत्नी प्रतिमा एवं पुत्री रूपाली की भी हालत बिगड़ने पर आनन फानन में सभी को सरकारी चिकित्सालय लाया गया। इस दौरान जितेंद्र पाल द्वारा रंजन सिंह पर बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए हाथापाई भी किए जाने का मामला संज्ञान में आया है । इस संबंध में मारपीट की पुष्टि रंजन सिंह की पत्नी प्रतिमा ने की है। कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि प्रसाद जिस दुकान से खरीदा गया था उस दुकान को भी बंद कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाकर प्रसाद की सैंपलिंग की जा रही है तथा प्रसाद विक्रेता दुकानदार को यह हिदायत दे दी गई है कि जिस जिस को भी उसके द्वारा प्रसाद बेचा गया है वहां वहां तुरंत सूचना देकर प्रसाद वितरण में रोक लगवाने की कोशिश करें। कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि रंजन सिंह ने बताया कि उसके द्वारा बाजार स्थित पुरानी गल्ला मंडी में विजय किराना स्टोर से सूखे मेवे में मिश्री आदि खरीदी थी। कोतवाल का कहना है कि दोनों घरों को पुलिस ने ताला लगाकर बंद कर दिया है खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच उपरांत घर के ताले खोले जाएंगे।




