खटीमा। फाइबर लिमिटेड कंपनी द्वारा बिना नोटिस के लगभग 200 कर्मचारियों को 16 अप्रैल को बाहर का रास्ता दिखा देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं निष्कासित श्रमिक काम के अभाव में दर दर की ठोकर खा रहे हैं और भुखमरी के कगार पर हैं। जीवन यापन करना निष्कासित कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
आपको बता दें कि 16 अप्रैल से श्रमिकों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है तब से लेकर आज तक श्रमिक कभी लेबर इंस्पेक्टर तो कभी उप जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन इनकी कोई भी सुध लेने वाला नहीं है। श्रमिकों ने भी मांग पूरी न होने तक आमरण अनशन की चेतावनी दी है।फिलहाल निष्कासित श्रमिक अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठे हैं। वहीं लेबर इंस्पेक्टर तथा एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट का फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत का दौर जारी है लेकिन कोई ठोस निर्णय निकलकर सामने नहीं आ रहा है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है। श्रमिक अपने 2 माह के बकाया वेतन, ग्रेजुएटी तथा भविष्य निधि की राशि और पुनः काम पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। वही श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन की तरफ से श्रमिकों को निकाला नहीं गया है, 28 अप्रैल को मैनेजमेंट तथा श्रमिकों के बीच संयुक्त वार्ता किया जाना है। प्रक्रिया गतिमान है। बातचीत से समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। वहीं इस मामले में उप जिलाधिकारी रविंद्र बिष्ट ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है, जो भी निर्णय आएगा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




