रुद्रपुर। यूनियन के चुनाव को रजिस्टर करने की मांग को लेकर आज बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन ने श्रम विभाग में धरना प्रदर्शन किया गया और डी एल सी महोदय को ज्ञापन दिया।
धरने को सम्बोधित करते हुए श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि श्रम कार्यालय में मजदूरों के मसले लंबित होना कानून के प्रति बेरुखी का भाव प्रदर्शित करता है। बजाज मोटर्स की यूनियन द्वारा अपने चुनाव परिवर्तन की सूचना के फॉर्म को दिये हुए आठ महीना होने जा रहा है लेकिन तमाम स्पष्टीकरण के बावजूद भी चुनाव दर्ज न करना संदेह पैदा करता है। उन्होंने मांग की कि सामूहिक प्रतिभाग की इच्छा भारतीय संविधान के मूल अधिकार में है. अतः श्रमिकों की इच्छा जोकि कानून सम्मत है के अनुसार रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाना चाहिए। अन्यथा कि स्थिति में मूल अधिकार हनन के खिलाफ श्रम विभाग में विशाल प्रदर्शन किया जायेगा ।
एक्टू प्रदेश महामंत्री कामरेड के. के. बोरा ने कहा धामी सरकार श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील हो गई है। इसीलिए प्रशासनिक मशीनरी भी मजदूरों की यूनियनों के सामान्य मसलों को लंबित कर दे रही है। इससे मालिकान के मजे हो रहे है जबकि मजदूरों के संविधान सम्मत हक बाधित हो रहे हैं। उन्होंने यूनियन के ‘जे’ फॉर्म को रजिस्टर करने की मांग की। बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन के अध्यक्ष चंदन मेवाड़ी के कहा कि ट्रेड यूनियन रेगुलेशन की धारा 22-2 स्पष्ट करती है कि ऐसे मजदूर जिनका मालिक से कोर्ट में मामला चल रहा है वे भी यूनियन के पदाधिकारी बन सकते है . फिर भी यूनियन चुनाव को दर्ज न कर श्रमिकों के यूनियन अधिकार को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल कार्यवाही की माग की है.इंकलाबी मजदूर केन्द्र के नगर सचिव दिनेश भट्ट ने कहा कि श्रम विभाग को पूँजीपतियों की मनमानी का अड्डा नहीं बनना चाहिए. उन्होंने जे फार्म को दर्ज करने की मांग की हैकार्यक्रम के अंत में DLC को ज्ञापन दिया गया।




