रूद्रपुर । जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने जारी आदेश में कहा कि वर्तमान में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने हेतु अनेकों बड़ी योजनाओं / ध्वजवाहक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
आम जनमानस के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में शासन निरन्तर प्रसासरत है। इन विकास कार्यों के सम्पादन के दौरान अनेकों स्थानों पर पूर्व से निर्मित / हाल में ही निर्मित अनेकों संरचनाओं को बड़ी ही जल्दी खुदाई द्वारा तोड़ दिया जाता है। सड़कों के किनारे एवं कहीं-कहीं सड़कों के मध्य भाग से ही अंडरग्राउण्ड सीवर वाटर, केविल लाईनें, गैस पाईप लाईन, दूर संचार से सम्बन्धित केविल लाईनों को बिछाने हेतु सड़कों के किनारे या सड़को पर ट्रंच पिट बनाया जाता है एवं बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्य योजना के तहत ही कार्य प्रारम्भ कर दिया जाता है एवं कहीं-कहीं सड़के हाल या साल के 6 माह में ही निर्मित / सुदृढ़ीकरण की जाती हैं। ऐसी स्थिति में पुनः उन सड़कों को बनाया जाना सीधे तौर पर शासकीय धन का अपव्यय ही माना जायेगा। यदि विभाग आपसी तालमेल एवं समन्वय से यह सुनिश्चित कर लें कि आगामी साल भर में या 6 महिने में सम्बन्धितों द्वारा सड़क पर उपरोक्तानुसार अंडर ग्राउण्ड कार्य किये जाने हैं, तो स्थानीय प्राधिकारी यथा लोक निर्माण विभाग, नगर निगम / नगर पालिका / नगर पंचायतें उन सड़कों का निर्माण अंडर ग्राउण्ड केविल, पाईप लाईप डाले जाने के उपरान्त ही कराते । किन्तु आपसी तालमेल न होने से विषम स्थितियां पैदा हो जाती हैं और नई-नई सड़कों को खोद दिया जाता है और जिन्हें लम्बे समय तक फिलिंग करके उनका पुर्ननिर्माण भी नहीं किया जाता है। इससे एक तरफ आम जन मानस को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है और वहीं दूसरी ओर सड़कों के पेंच वर्क कराने से मजबूती भी नहीं रहती है। डीएम ने सभी तथ्यों के दृष्टिगत यह आदेश किया है कि अंडरग्राउण्ड पाईप लाईन / केबिल आदि बिछाने वाली एजेन्सियां समय से अपना प्रस्ताव सम्बन्धित स्थानीय प्राधिकारी यथा लोक निर्माण विभाग, नगर निगम / नगर पालिका / नगर पंचायतों को उपलब्ध करा एवं उसकी एक प्रति सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध करा उप जिलाधिकारी सम्बन्धित विभागों की आख्या प्राप्त कर और उपरोक्तानुसार आने वाली विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए नोडल अधिकारी के रुप में अनापत्ति प्रदान करेंगें, यदि कोई विभाग उपरोक्तानुसार अपनी कार्य योजना को समय से प्रस्तुत नहीं करता तथा नवनिर्मित सड़क पर खुदान आदि के लिए अनुमति मांगता है व उनके द्वारा सड़क खोदी जाती है तो नई सड़क के निर्माण में आने वाला अतिरिक्त व्यय भार सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार मानतें हुए उनके उपर अधिरोपित किया जायेगा, जिसके लिए वो स्वयं उत्तरदायी होंगें। उक्त के अतिरिक्त सम्बन्धित उप जिलाधिकारी पृथक से सभी आपत्ति हेतु प्रस्तुत आवेदन / प्रस्तावों का ब्यौरा रजिस्ट्रर में रक्षित करेंगें तथा आवेदन पत्रों का सम्बन्धित विभाग से परीक्षण आख्या प्राप्त करते हुए 15 दिवस के भीतर निस्तारण करना सुनिश्चित करायें।
डीएम ने फसलों की क्षति का आकलन करने के दिए निर्देश
रूद्रपुर।जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने जनपद में वर्षा से खरीफ सीजन की फसलों में क्षति होने की सम्भावना को देखते हुए ऐसी परिस्थिति में क्षेत्र की सघन निगरानी एवं अधिक वर्षा होने के कारण से फसल क्षति का आकलन किये जाने हेतु सम्बन्धित तहसील के तहसीलदार को नोडल अधिकारी नामित करते हुए न्याय पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया है। समिति द्वारा न्यायपंचायत स्तर पर फसल क्षति का सर्वेक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर अपनी संयुक्त रिपोर्ट प्रतिदिन विकासखण्ड प्रभारी, कृषि को उपलब्ध करायेंगे तथा विकासखण्ड प्रभारी, कृषि नोडल अधिकारी ; तहसीलदारद्ध के हस्ताक्षर से सर्वेक्षण की संयुक्त रिपोर्ट मुख्य कृषि अधिकारी को उपलब्ध करायेंगे । न्याय पंचायत स्तर पर गठित समिति में संबंधित न्याय पंचायत के कृषि प्रभारी, सम्बन्धित प्रभारी उद्यान सचल दल केन्द्र, सम्बन्धित गन्ना पर्यवेक्षक, सम्बन्धित राजस्व ग्राम /पटवारी क्षेत्र के उप राजस्व निरीक्षक तथा सम्बन्धित ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लि. को शामिल किया गया है।
