रामपुर के मुसलमानों ने राम मंदिर निर्माण के लिए बुलंद की थी आवाज दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया था प्रदर्शन, निकालीं थीं यात्राएं, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्कालीन जिला संयोजक के नेतृत्व में कार्यक्रमों मे की थी शिरकत
रामपुर, बहुत कम लोग जानते होंगे कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदू ही नहीं नवाबों के शहर रामपुर के मुसलमानों ने भी गंगा-जमुनी तहजीब का परिचय देते आवाज बुलंद की थी और वे राम मंदिर निर्माण से बेहद खुश हैं। देशवासियों का सैकड़ों वर्ष पुराना श्रीराम मंदिर का सपना साकार हो गया है। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उत्सव में पूरा देश शामिल है। चारों ओर माहौल राममय नजर आ रहा है। ऐसे ही नवाबों के शहर रामपुर के मुसलमानों ने भी गंगा जमुनी तहजीब का उदारण पेश कर अयोध्या मे श्री राम मंदिर निर्माण के लिए कदम बढ़ाये थे। सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की थी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले रामपुर के मुसलमान श्री राम मंदिर निर्माण के समर्थन में दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरने में शामिल हुए थे। देश में पहली बार ऐसा हुआ था की देश के मुसलमानों ने इतनी जटल समस्या के समाधान को लीड कर रहे थे।इस धरने को रामपुर से लीड करने वाले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के क्षेत्रीय प्रमुख गोसेवा, पर्यावरण एवं सेवा प्रकोष्ठ उत्तराखंड एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश व भाजपा व अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी फैसल मुमताज ने बताया कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के नेतृत्व में देश भर के मुसलमानों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। पदाधिकारियों के द्वारा देशभर में यात्राएं की गईं। राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल, मंच की तरफ से बनाई गई श्री राम मंदिर कमेटी के वाइस चेयरमैन इस्लाम अब्बास ने नगर एवं तहसीलों में सभाएं की थीं। मुसलमानों को चाहिए बाबर के अपराध को धिक्कारें, देश के मुसलमान दिल बड़ा करते हुए आएं और श्री राम मंदिर बनवाने में अपना सहयोग करें। हदीस यह कहती ही जहां विवाद हो, उस जगह इबादत नहीं हो सकती।





