रुद्रपुर। दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर पंजाब के किसानों के आंदोलन के समर्थन और संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान के बाद तराई के किसानों ने भी जगह-जगह प्रदर्शन किया। रुद्रपुर की बगवाड़ा मंडी में तराई किसान संगठन, भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य किसान संगठनों के प्रतिनिधियों में प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान लगातार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मांग रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार बार-बार अपना वादा तोड़ रही है। एमएसपी समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत पंजाब के किसानों को हरियाणा के बॉर्डर पर रोक दिया गया है। उनका दमन किया जा रहा है। उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। किसानों की मांगें दबाने की कोशिश की जा रही है। करीब दो सौ किसान घायल हुए हैं। किसानों ने एमएसपी की गारंटी, सभी कर्ज माफी समेत विभिन्न मांगे उठाई। उन्होंने सांकेतिक तौर पर मंडी भी बंद कराई। अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया।
धरना प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने किसानों एवं किसान नेताओं पर हरियाणा सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्यवाही पर रोष व्यक्त किया और दमनात्मक कार्यवाही में शामिल अधिकारियों के निलंबन की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों मजदूरों पर होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। किसानों ने केन्द्र सरकार से सभी फसलों की एमएसपी खरीद की गारंटी का कानून बनने, किसानों की सम्पूर्ण कर्ज मुक्ति, श्रमिकों के लिए 26 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन लागू करने, श्रमिकों पर लादे गये चार श्रम कानून संहितों को निरस्त करने, रोजगार की गारंटी का मौलिक अधिकार, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, रेलवे, रक्षा, बिजली सहित सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद करने, नौकरियों का संविदाकरण बंद करने, प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 200 दिन का काम और 600 रुपये प्रति दैनिक मजदूरी के साथ मनरेगा को मजबूत करने, प्रत्येक किसान परिवार को दस हजार रुपये मासिक पेंशन देने, औपचारिक और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में सभी के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा लागू करने, भारतीय न्याय संहिता की धारा 104 को खत्म करने, एलएआरआर अधिनियम 2013 ;भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 को लागू करने, बिजली संशोधन विधेयक 2022 को वापस लेने, अजय मिश्रा टेनी को बर्खात कर मुकदमा दर्ज करने, केरल की तरह 13 सब्जियों की एमएसपी पर खरीद का कानून बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीयकृत बैकों के माध्यम से होमलोन की सुविधा उपलब्ध कराने, कृषि यंत्रों पर लगने वाले जीएसटी को खत्म करने की पुरजोर मांग की। धरना प्रदर्शन में किसान नेता तजेन्द्र सिंह विर्क, गुरवीर सिंह विर्क, हरजीत सिंह, गगनदीप सिंह, हरपाल सिंह चीमा, जोबल सिंह चीमा, सर्वदयाल सिंह, जसवीर सिंह, जरनैल सिंह, गुरचरण सिंह, हरविंदर सिंह विर्क, दलेर सिंह, गुरजीत सिंह, बसंत सिंह, जसपाल सिंह, गुरजीत सिंह, बलदेव सिंह, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह, आकाश सिंह,गुरनाम सिंह धालीवाल, श्रवण सिंह भट्टी, रणजीत सिंह, सतनाम सिंह, प्रगट सिंह, गुरदीप सिंह, हीरा सिंह, अमृतपाल सिंह, गुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह आदि शामिल थे।




