बरेली, लंबे समय तक चुनावी रण जीतने के लिए चला सियासी संग्राम मतदान के बाद थम चुका है। मंगलवार को चुनाव संपन्न होने के बाद देर रात तक प्रत्याशी चुनावी गुणा-भाग में उलझे रहे। बुधवार सुबह किसी की दिनचर्या जल्द शुरू हुई तो किसी की थकान की वजह से नींद से देर से खुली। हालांकि, भोर होते ही प्रत्याशियों के आवास पर समर्थकों, कार्यकर्ताओं के पहुंचने का शुरू हुआ सिलसिला शाम तक जारी रहा।
आवास पर पहुंचने वाले लोग नेताजी के सामने दावा करते दिखे कि जनता का उन्हें खूब आशीर्वाद मिला है। उनकी सीट पक्की है। बड़े अंतर से जीत होगी। किसने कहां पर दगाबाजी की, किसने भितरघात किया, इसकी भी अंदरखाने चर्चाएं जारी रहीं। कौन सा बूथ मजबूत रहा और कहां पर पिछड़ गए, इसका भी गुणा-भाग पूरे दिन चलता रहा। अब इंतजार चार जून का है। सुबह 5 बजे ही जग गए छत्रपाल, कार्यकर्ताओं के बीच गुजरा दिन
बरेली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार बुधवार दोपहर करीब दो बजे आवास पर महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, विष्णु शर्मा, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, वीरपाल गंगवार, सूर्यकांत मौर्य, अभय चौहान आदि के बीच बैठे हुए थे। चुनावी चर्चाएं चल रही थीं। पास में बैठे समर्थक ने मोबाइल देखकर बताया कि चार लाख 22 हजार से ज्यादा वोट शहर और कैंट में पड़े हैं। छत्रपाल गंगवार ने बताया कि देर रात सोने के बाद आंख जल्दी खुल गई। सुबह 5 बजे उठने के बाद अखबार पढ़ा, तब तक समर्थक और कार्यकर्ता आ गए। सभी क्षेत्रों की रिपोर्ट मिली है। उनका दावा है कि कम से कम डेढ़ लाख वोटों से जीतेंगे। सुबह 6 बजे ही जग गए धर्मेंद्र, सुख-दुख में शामिल हुए, अपनों के बीच भी गुजारा समय
आंवला लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप लालफाटक स्थित अपने गांव कांधरपुर आवास पर बुधवार सुबह कार्यकर्ताओं के बीच घिरे दिखे। कहा कि देर रात सोने के बाद थोड़ देर से जगे। थकान ज्यादा थी। उठते-उठते 6 बज गए। एजेंटों ने बूथों की उन्हें स्थिति बताई। 9 बजे के एक कार्यकर्ता ने बिशारतगंज में मतदान कर कर लौट रहे समर्थक की मौत की सूचना दी। इसपर वह समर्थक के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। लोगों ने उन्हें आश्वास्त किया कि जीत पक्की है। घर पहुंचकर परिवार के साथ खाना खाया और कुछ समय सुकून के गुजारे। चुनाव की थकान दूर करने के लिए दो घंटे आराम किया। इसके बाद शाम तक मुलाकात जारी रही।





