नानकमत्ता। स्वतंत्रता संग्राम सेना दर्शन सिंह के पोते और नाती को विदेश भेजने के नाम पर 11 लाख रुपये ठगी का आरोप लगा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दर्शन सिंह के अनुसार छः माह पहले उनके पोते रविन्द्र सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी डोहरा सिसईखेडा व लखविन्दर सिंह, जसपाल सिंह पुत्र कश्मीर सिंह स्थित निवासी रसोइयापुर, सितारगंज के रिश्तेदार दलजीत सिंह निवासी ग्राम बरहैनी, बाजपुर के घर गया था। वहां विक्रमजीत सिंह ने उनके पोते को पोलैण्ड भेजने का भरोसा दिया।
बताया कि छह लाख का खर्च होगा। विक्रमजीत सिंह निवासी बवक्ता मिलक, रामपुर ने पोते रविन्द्र सिंह, नाती लखविन्दर सिंह को पोलैण्ड भेजने के लिए पैसे की डिमांड की। 1.50 लाख रुपये दिये। फिर जसपाल सिंह ने अपने खाते से दो लाख रुपये दिये। विक्रमजीत की साथी रिचा पाण्डे के खाते में कई बार रुपये भेजे। दर्शन सिंह के अनुसार तीन सितम्बर 2022 को विक्रमजीत सिंह अपने साथ रविन्द्र सिंह, लखविंदर सिंह को पोलैण्ड ले जाने के लिए दिल्ली से हवाई जहाज में सवार हुए और पहले दुबई ले गये। विक्रमजीत ने कहा कि चार-पांच दिन बाद पोलैंण्ड ले जायेंगे। बाद में वह दोनों को लेकर दिल्ली लौट आया। एक माह बाद पोलैंड जाने की बात बताकर मुम्बई ले गया। मुम्बई से दोनों को बाकु अजरबैजान ले गया। 20 दिन तक वहीं झासा देता रहा। यहां टिकट कराने के नाम पर दोनों से दो-दो लाख रुपये लिये। वह लखविंदर को मुम्बई वापस ले आया। रविन्द्र बाकु में ही फसा रहा। बाद में टिकट कराकर रविन्द्र दिल्ली लौटा। दर्शन सिंह के अनुसार दो दुकाने गिरवी रखी व सिसईखेड़ा की एक दुकान बेचकर रुपयों का इंतजाम किया था। दर्शन सिंह ने विक्रमजीत पर 11 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




