रुद्रपुर । नेस्ले मजदूर संघ और नेस्ले कर्मचारी संगठन समेत अन्य श्रमिक संगठनों ने सिडकुल में नेस्ले इंडिया लिमिटेड के बाहर धरना दिया। श्रमिक संगठन ने प्रबंधन पर वर्ष 2020 के समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि प्रबंधन शांतिपूर्ण माहौल को खराब कर श्रमिकों को फर्जी नोटिस और चार्जशीट दे रहा है। इसके खिलाफ नेस्ले मजदूर संघ और नेस्ले कर्मचारी संगठन ने एक दिवसीय धरना दिया।
श्रमिक संगठनों का आरोप था कि नेस्ले इंडिया लिमिटेड प्रबंधन ने वर्ष 2020 के समझौते का उल्लंघन किया है। इस उल्लंघन को दबाने के लिए कारखाने में यूनियनों के बनाए गए शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के लिए कारखाने में श्रमिकों को फर्जी नोटिस/ चार्जशीट दी जा रही है। दोनों यूनियनों ने अपने सूझबूझ का परिचय देते हुए माहौल को अशांत नहीं हो दिया है। आरोप था कि बावजूद इसके प्रबंधन फिर से जानबूझकर श्रमिकों को प्रताड़ित कर रहा है। इस दौरान नेस्ले इंडिया लिमिटेड टाहलीवाल, नेस्ले इंडिया लिमिटेड समालखा, नेस्ले इंडिया लिमिटेड बिचोलियम यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी धरना-प्रदर्शन को समर्थन दिया। संगठनों ने कहा कि अगर श्रमिकों का उत्पीड़न नहीं रुका तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता नेस्ले मजदूर संघ के अध्यक्ष मुकेश पांडे और नेस्ले कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष धनवीर सिंह ने की। जबकि संचालन नेस्ले मजदूर संघ के मंत्री निर्मल पाठक व नेस्ले कर्मचारी संगठन के महामंत्री चंद्रमोहन लखेड़ा ने किया। इस दौरान मुंगेश, मांगेराम, सत्येंद्र, कुलविंदर, दीपक लमिया सोहनलाल, अरविंद, अशोक द्विवेदी, सुरेंदर, दीपेश कपूर, पंकज नेगी, नवीन उपाध्याय, देवेंद्र, पंकज, सुभाष डिमरी, संजय नेगी, गोकुल कांडपाल, विजय भंडारी आदि मौजूद रहे।




