बरेली लव जिहाद के नाम पर प्रेमनगर के एक कैफे में तोड़फोड़ और मारपीट कर दहशत फैलाने वाले छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया। मगर इन युवाओं को भड़काने वाला ऋषभ ठाकुर और दीपक पाठक अब भी पुलिस की पहुंच से दूर है। ऋषभ ठाकुर को जिस हिंदू संगठन से जुड़ा बताया गया था, उसने भी ऋषभ को पूर्व में ही निष्कासित बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। बता दें कि पहले तो पुलिस ने होटल संचालक और दो मुस्लिम युवकों पर ही शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई कर दी थी। मगर सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी के वीडियो वायरल हुए तो दहशत फैलाने पर पुलिस ने कार्रवाई की है। दरअसल प्रेमनगर के एक कैफे में शनिवार को नर्सिंग छात्रा की बर्थ डे पार्टी में लव जिहाद का आरोप लगाकर हंगामा करने वाले एक हिंदू संगठन के दो नामजद समेत 25 लोगों पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। कैफे मालिक की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की। इस मामले में पुलिस ने घटना के बाद कैफे संचालक समेत दूसरे समुदाय के दो युवकों का ही शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया था। कैफे में हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो गया था।
इस मामले में रविवार को पीलीभीत निवासी कैफे मालिक शैलेंद्र गंगवार ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि राजेंद्र नगर स्थित उनके कैफे पर कुछ ग्राहक बैठकर जन्मदिन की पार्टी मना रहे थे। रेस्टोरेंट का स्टाफ उनको सर्विस दे रहा था। इसी बीच सुभाषनगर निवासी ऋषभ ठाकुर और मिनी बाईपास निवासी दीपक पाठक अपने 20 से 25 अज्ञात साथियों के साथ आए और ग्राहकों के साथ मारपीट और गालीगलौज की। जान से मारने की धमकी देकर सामान तोड़ दिया जिससे उनका काफी नुकसान हुआ। उनके कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसकी फुटेज भी उनके पास है। सीओ फर्स्ट आशुतोष शिवम ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित युवकों पर कार्रवाई पर भी थाना प्रभारी की जांच शुरू
हाल में ही देहात से आए प्रेमनगर थाना प्रभारी राजबली की लगातार दो मामले में भूमिका की जांच शुरू हो गई है। बर्थ डे पार्टी में पीड़ित युवकों पर ही कार्रवाई करने के मामले में थाना प्रभारी की भूमिका के जांच के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले शनिवार को उनके खिलाफ लूट के मामले को छिनैती में दर्ज करने को लेकर भी जांच खुली है।




