रुद्रपुर। चोरो से सोना और लाखो की नगदी बटवारा मामले में फंसे आबकारी दरोगा और सिपाही पर विभागीय जांच भी हो सकती हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जिला आबकारी विभाग महज आला अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रही हैं और हरी झड़ी मिलते ही गिरफ्तार कर्मियों के तेनाती कार्यकाल की जांच कर सकती हैं।
री दरोगा-सिपाही के कार्यकाल की जांच हो सकती हैं।
बताते चले कि सितंबर माह में हिमालय प्रदेश के एक कारोबारी के घर पर नोकरानी ने प्रेमी के साथ मिलकर आधा किलो सोना और करीब 50 लाख की नकदी चोरी की और नेपाल भागने को निकले थे। आठ सिंतबर को आबकारी विभाग के सचल दल दरोगा दरोगा देवेंद्र कुमर, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम रामपुर सीमा पर चेकिंग कर रहे कि तभी एक कार आती हुई दिखाई दी। टीम ने रोका तो एक बैग में लोहे की तिजोरी मिली। सदेह हुआ तो आबकारी टीम ने सभी बैगों की तलाशी ली। तो आधा किलो सोना और लाखों की नकदी मिली। पूछताछ में युवक युवती ने चोरी की बात काबुली और माडवाली का प्रस्ताव रखा। बातचीत के खाकी का रौब दिखाया गया और सचल दल टीम ने छोड़ने की एवज में सोने का आधा हिस्सा और नकदी का आधा माल लेकर छोड़ दिया ओर आरोपी नेपाल भाग गए। हिमाचल पुलिस तफ्तीश करती रही ओर सोमवार को शिमला के एसएचओ त्रिलोचन नेगी के नेतृत्व में पुलिस ने एसएसपी उधमसिंहनगर से मुलाकात की और योजनाबद्ध तरीके से दरोगा दरोगा देवेंद्र कुमर, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम को गिरफ्तार कर 80 फीसदी माल भी बरामद किया था और दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया गया। अव चर्चा यह है कि जिला आबकारी विभाग उनकी कार्यशैली की जांच भी कर सकती हैं और यदि ऐसा होता हैं। तो अभियुक्तों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती हैं।
प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि फिलहाल शिमला हिमाचल पुलिस द्वारा दिखाए गए सबूतों के आधार पर निलबंन की कार्रवाई हुई हैं। यदि आला अधिकारियों का आदेश होता हैं। तो विभागीय जांच शुरू की जाएगी। क्योंकि गिरफ्तार अभियुक्त सचल दल आबकारी टीम में थे। तो उनके कार्यकाल की जांच का दायरा होगा।
