चौथे दिन भी जारी रहा रेलवे भूमि का सर्वे
हल्द्वानी। चौथे दिन भी रेलवे अतिक्रमण की भूमिका सर्वे जारी रहा जिसमें राजस्व, नगर निगम, वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम ने बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि की पैमाइश आज भी जारी रखी। टीम ने राजस्व विभाग की भूमि के बारे में जानकारी ली। दरअसल नौ नवंबर 2016 को हाई कोर्ट ने गौलापार हल्द्वानी के रविशंकर जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 सप्ताह के भीतर रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि जितने भी अतिक्रमणकारी हैं, उनको रेलवे पीपीएक्ट के तहत नोटिस देकर जनसुनवाई करें। सुनवाई में किसी भी व्यक्ति के पास जमीन के वैध कागजात नहीं पाए गए। सुनवाई के दौरान पूर्व में कब्जेदारों की तरफ से कहा गया था कि उनका पक्ष रेलवे ने नहीं सुना था। इस मामले में एक नवम्बर 2022 को हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। जबकि 20 दिसम्बर को कोर्ट ने अपने फैसले में रेलवे की इस 29 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद रेलवे ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करते हुए ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी। इस बीच यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट में 7 फरवरी को इस मामले में रेलवे और राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना है। इसके मद्देनजर बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि का दोबारा सीमांकन किया जा रहा है। राजस्व, नगर निगम, वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम का सर्वे आज चौथे दिन भी जारी रहा। बता देगी टीम ने अभी तक सात पिलर खोज निकाले हैं टीम राजस्व विभाग के साथ ही रेलवे की भूमि के बारे में जानकारी ले रही है। सर्वे में अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि शुऐब अहमद, अब्दुल मलिक,, शराफत खान आदि मौजूद रहे।




