करोड़ों का चूना लगाने वाले सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स ग्रुप की संपत्ति होगी नीलाम
रेरा कोर्ट ने सुनाया फैसला
ठगी के शिकार लोगों में जगी रकम मिलने की आस
नायब तहसीदार की देखरेख में होगी भूमि नीलाम: तहसीलदार
रुद्रपुर। लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाले सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स ग्रुप पर जहां पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं, रियल स्टेट रेग्युलेटरी आर्थोरिटी (रेरा) ने भी अपना फैसला सुना दिया है। सामिया की संपत्ति को पहले ही कुर्क करने के बाद रेरा ने राजस्व विभाग को नीलामी की तिथि भी मुर्करर कर दी है। इसके बाद ठगी के शिकार लोगों ने राहत की सांस ली है।
बताते चलें कि नामी गिरामी सामिया बिल्डर्स ग्रुप पर लोगों को प्लांट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने का आरोप लगा था। जिसके बाद से ही 14 अप्रैल को पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लालकुआं के रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों द्वारा दी गई तहरीर के बाद सामिया ग्रुप के मालिक जमील ए खान और निदेशक सगीर अमहद खान पर धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत करने के बाद शिकंजा कसने के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था। दूसरी ओर सामिया ठगी के शिकार तमाम याचिकाकर्ताओं ने रियल स्टेट रेग्युलेटरी आर्थोरिटी में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। सामिया पर कानून का हथौड़ा चलाते हुए रेरा ने पहले सामिया ग्रुप की काशीपुर हाईवे स्थित भूमि 0.5330 हैक्टेयर को कुर्क करवाया और उसके बाद राजस्व विभाग को चिह्नित भूमि को नीलाम करने का फरमान भी जारी कर दिया है। इसके लिए तहसीलदार को 15 मई की सुबह ग्यारह बजे नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ कर राजस्व प्राप्त करने के आदेश दिया है। एक ओर पुलिस का कसता शिकंजा और दूसरी ओर कानून का डंडा चलने के बाद कहीं न कहीं ठगी के शिकार लोगों ने राहत की सांस ली है।
रेरा का फैसला आते ही तहसील विभाग ने भी अपनी सारी तैयारी पूर्ण कर ली है। तहसीलदार रुद्रपुर नीतू डागर ने बताया कि भू-संपदा देय के बाकायेदार सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लि की गांव दानपुर तहसील रुद्रपुर पर 25984748 रुपये एवं अन्य वसूली के लिए अवशेष हैं। नोटिस एवं आरसी जारी होने के बाद भी देय धनराशि जमा नहीं करवाई। जिस कारण सामिया ग्रुप की अचल संपत्ति भूमि का खाता संख्या 00826 खसरा नंबर 273 रकबा 0.5330 हेक्टेयर प्रपत्र 73 और 73 डी तामील करा कुर्क कर ली गई थी। मगर संपत्ति की नीलामी होनी बाकी थी। इसके लिए ग्रुप को कई बार मौका भी दिया गया। मगर राजस्व बकाया जमा नहीं हुई। 15 मई की सुबह 11 बजे नीलामी की कार्रवाई के लिए नायब तहासीलदार भुवन चंद्र भंडारी को नियुक्त किया गया है जो पूरी तैयारी एवं टीम के साथ नीलामी कार्रवाई को करेंगे। काशीपुर हाईवे स्थित सामिया बिल्डर्स ग्रुप की ठगी के शिकार कोई एक धर्म या तबका नहीं, ऐसा कोई विभागीय कर्मचारी व अधिकारी नहीं है। जिसको ग्रुप ने प्लाट, मकान और दुकान के नाम पर ठगा न हो। 14 अप्रैल को पुलिस कार्रवाई के बाद अब तक पुलिस ने छह तहरीरों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 22 से अधिक शिकायती पत्रों पर जांच चल रही है। इसके अलावा 60 से अधिक ठगी के शिकार लोगों ने रेरा कोर्ट में याचिका डालकर न्याय की गुहार लगाई है। जिसमें सभी लोगों के करीब 2.50 करोड़ से अधिक की ठगी की गई है। सामिया ग्रुप की ठगी के शिकार में सभी धर्मों के अलावा 40 पीएसी कर्मी, एक दर्जन पुलिसकर्मियों, शिक्षक, सेवानिवृत फौजी सहित कई कारोबारी भी शामिल हैं।
ठगी के शिकार लोगों में जगी रकम मिलने की आस
रुद्रपुर। पिछले दस सालों से सामिया ग्रुप कार्यालय के चक्कर काट रहे ठगी के शिकार लोगों में एक आस जगी है कि शायद सामिया की संपत्ति नीलाम कर पीड़ितों को मिल सके। पीड़ितों के पैरोकार सत्यजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 से लेकर 2022 तक के बीच में अनगिनत लोगों के साथ करोड़ों की ठगी हो चुकी है। कई सालों से पीड़ित जब ग्रुप के चक्कर काटकर थक गए तब जाकर किसी ने रेरा कोर्ट तो किसी ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। मगर जिस प्रकार पुलिस का कसता शिकंजा और रेरा कोर्ट के निर्णय के बाद पीड़ितों को उम्मीद है कि उनका डूबा पैसा वापस हो सकता है।
रुद्रपुर। लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाले सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स ग्रुप पर जहां पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं, रियल स्टेट रेग्युलेटरी आर्थोरिटी (रेरा) ने भी अपना फैसला सुना दिया है। सामिया की संपत्ति को पहले ही कुर्क करने के बाद रेरा ने राजस्व विभाग को नीलामी की तिथि भी मुर्करर कर दी है। इसके बाद ठगी के शिकार लोगों ने राहत की सांस ली है।
बताते चलें कि नामी गिरामी सामिया बिल्डर्स ग्रुप पर लोगों को प्लांट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने का आरोप लगा था। जिसके बाद से ही 14 अप्रैल को पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लालकुआं के रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों द्वारा दी गई तहरीर के बाद सामिया ग्रुप के मालिक जमील ए खान और निदेशक सगीर अमहद खान पर धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत करने के बाद शिकंजा कसने के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था। दूसरी ओर सामिया ठगी के शिकार तमाम याचिकाकर्ताओं ने रियल स्टेट रेग्युलेटरी आर्थोरिटी में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। सामिया पर कानून का हथौड़ा चलाते हुए रेरा ने पहले सामिया ग्रुप की काशीपुर हाईवे स्थित भूमि 0.5330 हैक्टेयर को कुर्क करवाया और उसके बाद राजस्व विभाग को चिह्नित भूमि को नीलाम करने का फरमान भी जारी कर दिया है। इसके लिए तहसीलदार को 15 मई की सुबह ग्यारह बजे नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ कर राजस्व प्राप्त करने के आदेश दिया है। एक ओर पुलिस का कसता शिकंजा और दूसरी ओर कानून का डंडा चलने के बाद कहीं न कहीं ठगी के शिकार लोगों ने राहत की सांस ली है।
रेरा का फैसला आते ही तहसील विभाग ने भी अपनी सारी तैयारी पूर्ण कर ली है। तहसीलदार रुद्रपुर नीतू डागर ने बताया कि भू-संपदा देय के बाकायेदार सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लि की गांव दानपुर तहसील रुद्रपुर पर 25984748 रुपये एवं अन्य वसूली के लिए अवशेष हैं। नोटिस एवं आरसी जारी होने के बाद भी देय धनराशि जमा नहीं करवाई। जिस कारण सामिया ग्रुप की अचल संपत्ति भूमि का खाता संख्या 00826 खसरा नंबर 273 रकबा 0.5330 हेक्टेयर प्रपत्र 73 और 73 डी तामील करा कुर्क कर ली गई थी। मगर संपत्ति की नीलामी होनी बाकी थी। इसके लिए ग्रुप को कई बार मौका भी दिया गया। मगर राजस्व बकाया जमा नहीं हुई। 15 मई की सुबह 11 बजे नीलामी की कार्रवाई के लिए नायब तहासीलदार भुवन चंद्र भंडारी को नियुक्त किया गया है जो पूरी तैयारी एवं टीम के साथ नीलामी कार्रवाई को करेंगे। काशीपुर हाईवे स्थित सामिया बिल्डर्स ग्रुप की ठगी के शिकार कोई एक धर्म या तबका नहीं, ऐसा कोई विभागीय कर्मचारी व अधिकारी नहीं है। जिसको ग्रुप ने प्लाट, मकान और दुकान के नाम पर ठगा न हो। 14 अप्रैल को पुलिस कार्रवाई के बाद अब तक पुलिस ने छह तहरीरों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 22 से अधिक शिकायती पत्रों पर जांच चल रही है। इसके अलावा 60 से अधिक ठगी के शिकार लोगों ने रेरा कोर्ट में याचिका डालकर न्याय की गुहार लगाई है। जिसमें सभी लोगों के करीब 2.50 करोड़ से अधिक की ठगी की गई है। सामिया ग्रुप की ठगी के शिकार में सभी धर्मों के अलावा 40 पीएसी कर्मी, एक दर्जन पुलिसकर्मियों, शिक्षक, सेवानिवृत फौजी सहित कई कारोबारी भी शामिल हैं।
ठगी के शिकार लोगों में जगी रकम मिलने की आस
रुद्रपुर। पिछले दस सालों से सामिया ग्रुप कार्यालय के चक्कर काट रहे ठगी के शिकार लोगों में एक आस जगी है कि शायद सामिया की संपत्ति नीलाम कर पीड़ितों को मिल सके। पीड़ितों के पैरोकार सत्यजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 से लेकर 2022 तक के बीच में अनगिनत लोगों के साथ करोड़ों की ठगी हो चुकी है। कई सालों से पीड़ित जब ग्रुप के चक्कर काटकर थक गए तब जाकर किसी ने रेरा कोर्ट तो किसी ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। मगर जिस प्रकार पुलिस का कसता शिकंजा और रेरा कोर्ट के निर्णय के बाद पीड़ितों को उम्मीद है कि उनका डूबा पैसा वापस हो सकता है।




