स्कूल जा रही बालिका को स्कूल बस ने कुचला, आक्रोशित लोगों का हंगामा
बस के ट्रांसपोर्टर ने बच्ची के मौत की कीमत लगाई दो लाख
बच्ची की मौत के बाद भी नहीं पहुंचे स्कूल प्रबंधन के लोग
बूढ़े ड्राइवर के सहारे जीडी गोयनका स्कूल के बच्चों की सुरक्षा
रुद्रपुर। चौकी रम्पुरा क्षेत्र प्रीत विहार वार्ड नं- 2 फेस-2 में घर से स्कूल जा रही सात वर्षीय छात्र को एक निजी स्कूल के बस चालक ने कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बस को घेर लिया। लोग घटना स्थल पर बैठ गए। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। सूचना पर कोतवाल विक्रम राठौर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। मामला शांत होने के बाद शव पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बड़ी बात यह थी कि बस को एक बूढ़ा व्यत्तिफ़ चला रहा था। इससे आक्रोशित लोगों ने बारादरी रोड पर जाम लगाकर गुस्सा निकाला। पुलिस से उनकी तनातनी भी हुई। बाद में विधायक की मौजूदगी में ट्रांसपोर्टर द्वारा दो लाख दिए जाने के भरोसे पर लोगों ने जामऽो ला। हालांकि क्षेत्र के लोग इस समझौते और स्कूल प्रबंधन की हिटलरशाही से नाराज दिखये बताया जा रहा है कि ग्राम बमनपुरी बिलासपुर यूपी हाल प्रीत विहार निवासी संदीप शर्मा परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता है। उसकी सात वर्षीय पुत्री नेहा शर्मा शुक्रवार सुबह अपने घर से स्कूल के लिए निकली। तभी जीडी गोयनका स्कूल की बस आई और ड्राइवर बस को बैक करने लगा, जिससे बस के पीछे आ रही छात्र नेहा बस की चपेट में आकर वह पिछले टायर से कुचली गई। मौके पर ऽड़े लोगों ने शोर मचाया तो बस चालक ने बस आगे की। नेहा की मौके पर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही नेहा के परिजन वहां आ पहुंचे और नेहा का शव देऽकर चीऽ पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि वहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने चालक पर बिना हेल्पर के बस बैक करने व लापरवाही से बस चलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बस में तोड़फोड़ व चालक से भी हाथापाई की कोशिश की गई। सूचना पर कोतवाल विक्रम राठौर, एसएसआई कमाल हसन मय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में एक मैडम कंडक्टर की सीट पर बैठी थी। बाद में सीओ सिटी अनुषा बडोला पहुंची। उन्होंने चालक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोतवाल ने बताया कि चालक को मय बस के हिरासत में ले लिया है और तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर सूचना पर विधायक शिव अरोरा भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिल कर सांत्वना दी।
हादसे का पता लगने पर विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ ही पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा और अनिल शर्मा मौके पर पहुंच गए। नेताओं ने भी आक्रोशित परिवार वालों से बातचीत की, लेकिन परिवार वाले शव हटाने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक जमकर प्रदर्शन चलता रहा। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने जीडी गोयंका स्कूल के प्रबंधन को मौके पर बुलाने की मांग क, लेकिन कई घंटों बाद भी स्कूल प्रबंधन मौके पर नहीं पहुंचा और न ही मृत बालिका के परिवार वालों को कोई मदद दी। विधायक शिव अरोरा की मौजूदगी में फैसला हुआ कि ट्रांसपोर्टर द्वारा मृत बच्ची के परिवार वालों को दो लाऽ रुपये दिए जाने के साथ ही मुकदमा दर्ज होने के बाद आने वाला क्लेम का पैसा भी परिवार वालों को मिलेगा। इसके साथ ही विधायक ने मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद दिलाने का परिवार को वायदा किया।
वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि वह इस समझौते से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना था कि बच्ची का परिवार बेहद गरीब है। उसका पिता विकलांग है उसके बावजूद दो लाख में इस परिवार को शांत करा दिया गया। पूरी घटना में जीडी गोयंका स्कूल का प्रबंधन हिटलरशाह बना रहा। न तो मौके पर स्कूल प्रबंधन के लोग ही आए और न ही उन्होंने मृत बच्ची के परिवार वालों को कोई मदद की। इससे स्कूल को लेकर क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है।




