रुद्रपुर। सितारगंज कोतवाली में तैनात एक दरोगा को भू माफियाओं पर कार्रवाई नहीं करना महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की जमीन पर कुछ भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया था। जब बुजुर्ग अपना उपचार करा वापस लौटा और आरोपियों ने कब्जा नहीं छोड़ा,पीड़ित ने एसएसपी से गुहार लगाई। मामले की जांच और मुकदमा दर्ज होने पर भी दारोगा ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो एसएसपी ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर मामले की जांच का आदेश दे दिए।
बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले के एक बुजुर्ग ने एसएसपी ऑफिस आकर एसएसपी मंजूनाथ टीसी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि वह कैंसर पीड़ित है और मार्च 2023 में उपचार कराने दिल्ली गया था। जब वापस लौटा तो वहीं के कुछ भू माफियाओं द्वारा साठ गांठ कर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब इस संबंध में कोतवाली पुलिस से शिकायत की, तो मामले की जांच सितारगंज कोतवाली के दारोगा संजय बोरा को दी गई। मगर दारोगा द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की। बुजुर्ग की आपबीती सुनकर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सितारगंज से करवाई, तो बुजुर्ग के आरोप सही पाए गए और पुनः एसएसपी के आदेश पर अक्टूबर 2023 में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। बावजूद इसके विवेचक दारोगा ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप था कि भू माफिया पीड़ित को डराने और धमकाने लगे। बुजुर्ग ने एक बार फिर मामले की शिकायत एसएसपी से की। जिस पर एसएसपी ने दारोगा को कई बार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर गिरफ्तारी का आदेश दिया। आरोप है कि दारोगा हमेशा मामले को लेकर गुमराह करते रहे, जिससे खफा एसएसपी मंजूनाथ टीसी से सोमवार को आरोपी दारोगा को सस्पेंड करते हुए जांच का आदेश दे दिए।




