रुद्रपुर। डीएसओ के निर्देश पर विभागीय अधिकारियांे द्वारा रम्पुरा के सस्ता गल्ला विक्रेता सतीश आर्या की दुकान के किये गये औचक निरीक्षण में राशन की कालाबाजारी करने, खाद्यान्न को मनमाने ढ़ंग से वितरण् कर खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया की अवहेलना करने व तथ्यों को छिपाना पाये जाने पर उसके विरूद्ध रपट दर्ज करा दी गई है।
दर्ज रपट में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी हेमा बिष्ट ने कहा है कि जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश पर धर्मेन्द्र सिंह क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी तथा हेमा विष्ट क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम विक्रेता सतीश आर्या सस्ता गल्ला विक्रेता वार्ड 22 रम्पुरा की दुकान की जांच हेतु गठित की गयी। 6 अप्रैल 2024 को समिति द्वारा सतीश आर्या सस्ता गल्ला विक्रेता की दुकान का निरीक्षण किया गया। दुकान बंद होने पर विक्रेता को घर से बुलाकर दुकान खुलवायी गयी। उससे दुकान सम्बन्धी समस्त अभिलेख मांगने पर बताया कि पूर्ति निरीक्षक रुद्रपुर द्वारा उनकी दुकान का निरीक्षण किया गया व स्टॉक पंजिका वह अपने साथ निरीक्षण हेतु ले गयी है। विक्रेता द्वारा मौके पर न तो बिकी रजिस्टर उपलब्ध कराये गये और न हीं संतोषजनक उत्तर दिया गया । जांच समिति द्वारा सस्ता गल्ला दुकान पर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन कर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी की गयी। सतीश आर्या ने बताया माह मार्च 2024 के सापेक्ष खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। माह अप्रैल 2024 के सापेक्ष खाद्यान्न के उठान पर उसने बताया गया कि उनके द्वारा माह अप्रैल 2024 के सापेक्ष खाद्यान्न का उठान राजकीय खाद्यान्न गोदाम, रुद्रपुर से 6-4-2024 तक नहीं किया गया है। जिस पर वरिष्ठ विपणन अधिकारी, राजकीय खाद्यान्न गोदाम से दूरभाष पर वार्ता करने पर ज्ञात हुआ सतीश आर्या को राजकीय खाद्यान्न गोदाम से माह अप्रैल 2024 का खाद्यान्न 30-03-2024 को उपलब्ध करा दिया गया है। ऑनलाईन वितरण रिपोर्ट पर विक्रेता द्वारा 30-03-2024 व 31-03-2024 में कोई भी बायोमेट्रिक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि विक्रेता द्वारा खाद्यान्न वितरण मनमाने ढंग से किया जा रहा था एवं बायोमैट्रिक विधि से कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरित किये जाने की पारदर्शी प्रक्रिया का स्पष्ट अवहेलना की गयी है। 24 मई, 2024 के द्वारा सतीश आर्या को कारण बताओ नोटिस प्रेषित कर उसे प्रकरण पर लिखित स्पष्टीकरण मय साक्ष्य के 28.05.2024 तक डीएसओ कार्यालय में उपलब्ध कराये जाने को कहा गया। विक्रेता द्वारा निर्धारित तिथि तक कोई उत्तर नहीं दिया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद सस्ता गल्ला विक्रेता के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने मामले में रपट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




