*बरेली*। दो दिन पूर्व एक महिला झांकी कलाकार के साथ उसके सहयोगी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की घटना ने कला जगत को झकझोर कर रख दिया है। कलाकार वेलफेयर ट्रस्ट (भारत) ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए आरोपी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।
”कलाकार नहीं, कलंककार हैं ऐसे लोग”
घटना की सूचना मिलते ही ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष अमरीश कठेरिया ने इसकी घोर निंदा की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
”जागरण और झांकी जैसे पवित्र मंचों पर ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले कलाकार नहीं, बल्कि ‘कलंककार’ हैं। कलाकार वेलफेयर ट्रस्ट ऐसे सनातन विरोधी तत्वों का सामाजिक और व्यावसायिक बहिष्कार करता है। यदि कोई भी कलाकार ऐसी निंदनीय घटना में संलिप्त पाया गया, तो उसे कला जगत से पूर्ण रूप से निष्कासित कर दिया जाएगा।”
प्रशासनिक हस्तक्षेप और न्याय की मांग
अमरीश कठेरिया ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पीड़ित नाबालिग लड़की के लिए न्याय की गुहार लगाई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
ट्रस्ट की आगामी रणनीति:
शासन और प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करना।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कलाकारों की स्क्रीनिंग और कड़े नियम लागू करना।
समाज और संगठनों का एकजुट समर्थन
चूंकि पीड़िता दलित समाज (खटीक) से है, इसलिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी भारी समर्थन देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के प्रांतीय परिषद सदस्य शिशुपाल कठेरिया समेत कई वरिष्ठ समाजसेवियों ने पीड़िता को न्याय दिलाने का संकल्प लिया है।
उपस्थित प्रमुख सदस्य:
कलाकार: अंकुर सक्सेना, साजन तूफानी, शिवम, अरुण आदि।
सामाजिक प्रतिनिधि: हरि सिंह वरदान, मुकेश वाल्मीकि, चंदन प्रकाश, विलास बाबू, मनोज भारती, रंजीत सिंह कोठारी, सुमित वाल्मीकि, सतीश वाल्मीकि, राहुल राजे आदि।




