रुद्रपुर :-जनपद ऊधमसिंह नगर में अपराध बढ़ता जा रहा है और अपराधी खुलेआम कानून की धज्जियां उडा रहे है। ऐसा ही कुछ कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खडे हो रहे है। जिसको लेकर रंम्पुरा बस्ती के लोगों ने पुलिस-आबकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए धरना प्रदर्शन किया और कहा कि जब वार्ड के प्रत्येक व्यक्ति को कच्ची शराब माफियाओं के नाम पता है। तो पुलिस-आबकारी को क्यों नहीं जानकारी होगी। धरना प्रदर्शन की इंतला मिलते ही आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और धरना स्थल पर बैठे लोगों को समझाने की कोशिश करने लगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस शराब माफियाओं की धरपकड़ करती है और अब अभियान चलाकर अंकुश लगाने का प्रयास करेगी। पिछले कुछ दिनों से घनी आबादी वाले वार्ड रम्पुरा बस्ती इलाके में कच्ची शराब बेचने वालों ने आतंक मचा रखा है। हालात यह है कि सुबह हो या शाम। माफिया मुख्य सड़क पर कच्ची शराब की थैलियां रखकर शराब का धंधा संचालित करते है और इसकी भनक आबकारी विभाग और कोतवाली पुलिस को नहीं होती है। कई बार मौखिक और लिखित शिकायत देने के बाद भी जब समाज के पहरेदार ही पस्त होने लगे और माफिया मस्त दिखने लगे। तो स्थानी बाशिंदों ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया और रविवार को काली मंदिर परिसर में इकठ्ठा हुए और ओबीसी भाजपा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नेत्र पाल मौर्य और आईटी संयोजक योगेश वर्मा के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसकी भनक लगते ही आबकारी निरीक्षक सोनू सिंह और रम्पुरा चौकी प्रभारी पंकज कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना था कि वार्ड में कच्ची शराब का धंधा इतना बडा हो चुका है कि माफिया खुलेआम शराब बेच रहे है और शाम ढलते ही वार्ड में अशांति छा जाती है। कार्यशैली पर सवाल खड़े किये कि ज ब वार्ड के हर एक आदमी को शराब माफिया और शराब बेचने के स्थान का पता है। तो ऐसा कैसे संभव हो सकता है कि रम्पुरा पुलिस चौकी और आबकारी विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। इससे साफ है कि कच्ची शराब माफिया और कानून के रक्षक की सांठगांठ हो सकती है। काफी ज दोजहद के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पुलिस और आबकारी विभाग की टीम शराब बेचने वालों को चिह्नित कर सामूहिक अभियान चलाएंगी और आदतन अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी करेगी।
रुद्रपुर। रम्पुरा बस्ती स्थित काली मंदिर का मुख्य मार्ग हो या फिर रम्पुरा पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी का मुख्य मार्ग। कच्ची शराब विक्रेताओं को आस्था और खाकी का खौफ तक नहीं है। हालात यह है कि सुबह तड़के होते ही माफिया बाहर शराब की थैलियां रखकर शराब बेचना शुरू कर देते है और शाम ढलते-ढलते वार्ड का पूरा इलाका नशे की चपेट में आ जाता है और इसके बाद शुरू होता है। दबंगई का खेल। ऐसा कोई रात नहीं होती है। जहां शराबी उत्पात मचाकर फायरिंग कर लडाई झगडे की घटना नहीं करते है। ऐसा कोई परिवार नहीं होगा। जिस घर का मुखिया शराब पी कर बीवी-बच्चों पर अत्याचार नहीं करता होगा। दिहाड़ी मजदूरी कर पैसा कमाने वाला व्यक्ति रोटी देने के बजाए कच्ची शराब पीकर विक्रेताओं को मालामाल कर रहा है और पुलिस व आबकारी आंखे मूंदे बैठी है।




