रुद्रपुर।किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार की कैबिनेट बैठक बुलाई और भूमि पर मालिकाना हक दिलाने में भेदभावपूर्ण नीति अपनाई हैं। इस प्रकार की नीति को मंजूर नही किया जा सकता हैं,क्योंकि सरकार ने सिर्फ चुनिंदा गावो की ही कमेटी बनाई हैं,जबकि शासन को सभी वन और सभी आबादी इलाको को भी अधिकार मिलना चाहिए। मुद्दे को लेकर जल्द बड़ा आंदोलन होगा।
शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए विधायक बेहड़ ने कहा कि सरकार ने सिर्फ नैनीताल के बिन्दुखत्ता, देहरादून के बापूग्राम सहित कुछ चुनिंदा इलाकों को राजस्व ग्राम का दर्जा और मालिकाना हक देने को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनी,लेकिन दशकों पुराने गॉव और आबादी आज भी असितत्व में हैं। उनकी विधानसभा में संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी, नगला खुरपिया फार्म, गूलरभोज का कोपा, मुनस्यारी, किच्छा के सूर्य नगर, नजीबाबाद, धौरा डैम, कोर्ट खर्रा, जसपुर का डाम क्षेत्र, भूड़ा गौरी, चंदन नगर, मोहन बोरिंग समेत कई इलाके दायरे में आते है। सरकार ने जानबूझकर ज्यादातर इलाकों के साथ भेदभाव कर रही हैं। गौरी कला सहित कई गांव को अभी भी मालिकाना हक और पट्टो से वंचित हैं। इस मुद्दे को उन्होंने कई बार विधान सभा में उठाया और मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को भी पत्राचार कर चुके है। बेहड़ का आरोप था कि वर्ग-4 की जमीनों पर मालिकाना हक नहीं मिला। आज तक मालिकाना हक नहीं दिया गया और संबंधित फाइलें जिला प्रशासन में लंबित पड़ी हैं। बिना रिश्वत के फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रही है। एक एकड़ पर केवल दो से तीन कट्टे यूरिया दिए जा रहे हैं और इसके लिए भी किसानों को प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गुंडागर्दी के बल स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे है। यदि सरकार ने सभी गाव और शहरी आबादी को मालिकाना हक़ नहीं दिया । तो विधानसभा से लेकर सड़क तक की लड़ाई लड़ी जाएंगी।





