बारिश में टपकती छत, जर्जर दीवारें… आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी बनी खतरे का ठिकाना

रुद्रपुर। -हर व्यक्ति यही चाहता है कि वह दिन-रात ड्यूटी करता है और जब उसे थोडा आराम का समय मिले और थोड़ा आराम करने का स्थान साफ सुथरा और मूलभूत सुविधाओं से युक्त हो,लेकिन ऐसा आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी में देखने को नहीं मिलेगा,क्योंकि आदर्श कॉलोनी चौकी स्थित बैरग के हालत इतने बदतर है कि उसमें आराम करना तो दूर। उसके अंदर भी जाना खतरे से खाली नही है। यहीं कारण है कि ज्यादातर सिपाही किराये के मकान में रहने को विवश है और पुलिस के आला अधिकारी पुलिसकर्मियों की सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं देते है।

 

बता दे कि आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी कोतवाली रुद्रपुर के अंतर्गत आती है। जिस का हल्का भी काफी बड़ा है। मानक के अनुसार चौकी में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी नहीं है। बावजूद इसके चुनिंदा पुलिसकर्मी 24 घंटे अपनी ड्यूटी करते है,लेकिन हालात यह है कि चौकी के अंदर सिपाहियों के आराम करने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। एक बैरग खंडहर बन चुकी है। छत से सीमेंट टूट-टूट कर गिरता रहता है। बरसात के दिनों में बैरग के अंदर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। पंखे इसलिए नहीं लग सकते है कि पता नहीं कब पंखा उखाड़ कर नीचे गिर जाए। पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है,क्योकि चौकी की बैरिग बेहद ही जर्जर स्थिति में है और टीनशेड नुमा बैरग खंडहर में तब्दील हो चुकी है। बावजूद इसके देर रात्रि देर रात्रि को सिपाही उसकी खंडहरनुमा बैरग में आराम करने को विवश है और ज्यादातर सिपाही किराये पर रहते है। अब सवाल यह उठता है कि जब समाज की सुरक्षा करने वाला एक सिपाही चौबीस घंटे ड्यूटी कर अपना दायित्व निभा रहा है। तो क्या पुलिस के आला अधिकारियों को पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखना चाहिए। जब सिपाही को आराम करने का बेहतर स्थान ही नहीं मिलेगा। तो कैसे ड्यूटी हो सकती है। यहीं कारण है कि चौकी का हर सिपाही आर्थिक भी और मानसिक दबाव झेल रहा है।

रुद्रपुर। आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी का इलाका भी काफी बड़ा है। ऐसे में मानक के अनुसार चौकी में 15 से 20 पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। ताकि प्रत्येक सिपाही की दिन-रात की पारी लगाकर ड्यूटी कराई जा सके,लेकिन चौकी में फिलहाल कैसा कुछ नहीं है। वर्तमान में एक चौकी प्रभारी,एक सहायक चौकी प्रभारी के अलावा पांच सिपाहियों की तैनाती है। तो दिन-रात ड्यूटी की पारी लगना संभव ही नही है। यहीं कारण है कि दिन हो या रात्रि में थोडा सा समय निकाल सि पाही शायद आराम कर लेता होगा। वरना भीषण गर्मी में भी वर्दी धारण कर अपने दायित्वों का निवर्हन करता है।

 

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