रुद्रपुर। सिडकुल के सेक्टर -09स्थित बीएसटी कंपनी की महिला मजदूरों के नेतृत्व में श्रमिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने अवगत कराया कि कम्पनी मालिक कंपनी की गैरकानूनी मिल बंदी के दौरान निरंतर कम्पनी से अवैध रूप से चोरी छिपे कच्चा-पक्का माल और यहाँ तक कि स्क्रेप भी बाहर निकाल चुका है। अब गैरकानूनी रूप से चोरी-छिपे मशीनों को उठाने की साजिश रची जा रही है। तांकि कम्पनी का उत्तराखंड राज्य से बाहर गैरकानूनी पलायन किया जा सके। श्रमिकों ने तत्काल कम्पनी को सीलबंद करके विवाद के समाधान होने तक कम्पनी को प्रशासन के नियंत्रण और निगरानी में लेने की मांग की। साथ ही श्रमिकों ने कहा कि कम्पनी की गैरकानूनी मिलबंदी खत्म कर सभी 500 मजदूरों की सवेतन कार्यबहाली की जाये।
श्रमिकों ने कहा कि कम्पनी मालिक ने 31 दिसंबर 2024 को कम्पनी की गैरकानूनी मिलबंदी करके करीब 500 स्थाई मजदूरों को बेरोजगार करके भूखों मरने को छोड़ दिया है। किन्तु श्रम विभाग और शासन-प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है। जिससे कम्पनी मालिक के हौसले बढ़ चुके हैं। 27 जनवरी को त्रिपक्षीय संराधन वार्ता के दौरान कम्पनी प्रबंधन द्वारा स्वयं ही यह कथन किया गया है कि कारखाने में 450 श्रमिक कार्यरत हैं जो कि वार्ता के कार्यवृत्त में दर्ज है।जबकि उपरोक्त कारखाने में 500 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। उत्तराखंड राज्य का कानून कहता है कि जिन कारखानों में 300 या उससे ज्यादा मजदूर काम करते हैं उनकी मिलबंदी करने से पूर्व कंपनी मालिक को उत्तराखंड शासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य शर्त है। उत्तराखंड शासन की अनुमति के बिना ऐसे कारखानों की मिल बंद करना पूर्णतः गैर कानूनी कृत्य है। श्रमिकों ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो अतिशीघ्र रुद्रपुर शहर में विशाल मजदूर महापंचायत आयोजित करके आंदोलन तेज किया जायेगा। विरोध प्रदर्शन में आशा रावल, कविता,दीपा, प्रीति, सीमा, बिमला, छवि, लीलावती, शांति देवी,तरावती,यशोदा ,हेमा,ज्योति,सुनीता,विनीता, भावना,राधिका,तारा,शीला, कपिल, नितेश, अनिल तिवारी, दिनेश, विनीत मिश्रा, हरिशंकर, आदर्श, मुकेश,सुंदर,विजेंद्र सहित बड़ी संख्या में महिला मजदूरों शामिल थी।
