सीएम के सीबीसीआईडी जांच के आदेश पर भी सवाल, दूसरे विभागों के अधिकारियों की हो रही तैनाती

Spread the love

देहरादून। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अधिकारियों की तैनाती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग में दूसरे विभागों से अधिकारियों की तैनाती के लिए कई अधिकारी कतार में बताए जा रहे हैं, जबकि हाल ही में दो अधिकारियों को यहां तैनाती मिल चुकी है। आरोप है कि ये नियुक्तियां विभाग के मुखिया की पसंद और विश्वासपात्र अधिकारियों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सबसे गंभीर सवाल उस अधिकारी की तैनाती को लेकर उठ रहे हैं, जिसके खिलाफ पूर्व में मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच की घोषणा किए जाने की बात सामने आई थी। आरोप है कि बाद में संबंधित अधिकारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मामले की जांच को विभागीय जांच तक सीमित करा लिया।

अल्पसंख्यक कल्याण सोने का अंडा देने वाली मशीन बन गई है। इस विभाग में अन्य विभागों से आने के लिए कई अधिकारी लाइन में लगे हुए हैं जबकि दो अधिकारी इस विभाग में तैनाती पा चुके हैं यह सब कार्य इस विभाग के मुखिया के द्वारा किया जा रहा है जो अधिकारी इस विभाग में आए हैं वह उनके विश्वास पात्र हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण के मुखिया के द्वारा अपने विभाग में एक ऐसे अधिकारी को तैनात कराया गया है जिसकी मुख्यमंत्री के द्वारा एसआईटी जांच की घोषणा की गई थी लेकिन इस अधिकारी ने अपने रसूख से सीएम के द्वारा गठित की गई एसआईटी जांच को विभाग के जांच में तब्दील कर लिया था और विवाद की जांच में इस अधिकारी पर किसी तरह का कोई आरोप साबित नहीं हुआ जिसका फायदा इस अधिकारी ने उठाया और यह अधिकारी सीएम के आदेश से भी ऊपर होकर अपनी जांच को प्रभावित करके अपने पक्ष में करके ले गया था।
शिक्षा विभाग में उपसचिव के पद पर तैनात रहे विभूति के कर्म की शिकायत वर्ष 2025 में प्रदेश का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पहुंची थी। कम पुष्कर धामी ने इस शिकायत पर सीबीसीआईडी की जांच करने के आदेश दिए थे लेकिन अधिकारी ने अपने रसूख का उपयोग किया और पहले तो सीबीसीआईडी जांच को सीट की जांच में तब्दील कराया और उसके बाद इसी जांच को विभाजित जांच में बदलवा दिया कुल मिलाकर उपसचिव को इन जांच में करीब करीब क्लीन चिट जैसी मिल गई और उनके करना में फाइलों में दफन होकर रह गए।
शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण के निदेशक के पद पर लगभग पिछले दो महीने पहले एक अधिकारी को तैनात किया था इसके बाद इस अधिकारी ने अपने चहेतों को लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी और इसी क्रम में शिक्षा विभाग से उपसचिव के तैनात अधिकारी को और संख्या विभाग में लाया गया और इसके अलावा एक अन्य अधिकारी को अन्य विभाग से लाया जा चुका है जबकि महिला सशक्तिकरण विभाग से एक अन्य अधिकारी को लाने की तैयारी की जा रही है। अल्पसंख्यक विभाग में क्षेत्र अधिकारियों को तैनात कर करके मोटा माल निगलने की कूट रचना शुरू कर दी गई हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा एक पांच दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की गई थी इस प्रदर्शनी के आयोजन में भी करोड़ों का हेयर फिर होने की संभावना बढ़ रही है क्योंकि इस प्रदर्शनी में जिन ठेकेदार के द्वारा काम किया गया था उनके अब भुगतान करने का समय आ गया है।
कुल मिलाकर अल्पसंख्यक विभाग में जिस तरीके से तैनाती अन्य विभागों से लाकर अधिकारियों की की जा रही है उसमें भ्रष्टाचार की बदबू आने शुरू हो गई है।

शासन से निष्पक्ष जांच की मांग

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में लगातार हो रही अधिकारियों की तैनाती, पूर्व की जांच प्रक्रिया और प्रदर्शनी के भुगतान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब शासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

 

दो अधिकारियों की तैनाती, एक की तैयारी

बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में निदेशक पद पर एक अधिकारी की तैनाती की थी। इसके बाद दूसरे विभागों से अधिकारियों को लाने की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है। शिक्षा विभाग से एक उपसचिव को विभाग में तैनाती मिलने के साथ ही एक अन्य अधिकारी को भी लाया जा चुका है। वहीं महिला सशक्तिकरण विभाग से एक अधिकारी को लाने की तैयारी की बात कही जा रही है।

लगातार हो रही इन तैनातियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विभाग में तैनाती के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जा रहा है?


  • NEWS TEHKIKAT

    Related Posts

    विक्रांत बागी की याद में निकाली धारदार हथियार रैली  मुख्य मार्ग की घेराबंदी,तीन युवक पकड़े सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो

    Spread the love

    Spread the loveरुद्रपुर।:-26 जून को हुए विक्रांत उर्फ बागी हत्याकांड की याद में निकाली गई धारदार हथियार रैली की खबर मिलते ही पुलिस चौकन्नी हो गई और एसएसपी ने पुलिस…

    पांच साल की बच्ची,नशेडी ने किया दुष्कर्म का प्रयास  संदिग्ध की धुनाई,पुलिस के किया सुपुर्द घर के बाहर खेल रही थी मासूम

    Spread the love

    Spread the loveरुद्रपुर। :-रम्पुरा पुलिस चौकी बस्ती स्थित एक नशेडी द्वारा पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। दिनदहाड़े घिनौनी वारदात की…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सीएम के सीबीसीआईडी जांच के आदेश पर भी सवाल, दूसरे विभागों के अधिकारियों की हो रही तैनाती

    सीएम के सीबीसीआईडी जांच के आदेश पर भी सवाल, दूसरे विभागों के अधिकारियों की हो रही तैनाती

    विक्रांत बागी की याद में निकाली धारदार हथियार रैली  मुख्य मार्ग की घेराबंदी,तीन युवक पकड़े सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो

    विक्रांत बागी की याद में निकाली धारदार हथियार रैली  मुख्य मार्ग की घेराबंदी,तीन युवक पकड़े सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो

    पांच साल की बच्ची,नशेडी ने किया दुष्कर्म का प्रयास  संदिग्ध की धुनाई,पुलिस के किया सुपुर्द घर के बाहर खेल रही थी मासूम

    लापता तीन किशोरी,चौकी में हुआ प्रदर्शन  लालपुर चौकी इलाके का है मामला  -13 अगस्त से है लापता,खोजबीन शुरु

    सीएनजी टेंपो यूनियन ने की 16 किमी परमिट और स्थायी स्टैंड की मांग

    शुद्धिकरण मामला:-कांग्रेसियों ने निकाला सत्याग्रह यात्रा   राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन जनसभा का मामला भाजपा पर लगाया दलित विरोधी का आरोप